देवास में बलराम कृषि महोत्सव के दौरान 11 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। मेले में प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि यंत्रों और उन्नत तकनीकों की जानकारी दी गई।
किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती और कृषि आधारित नवाचारों से जोड़ने के उद्देश्य से देवास में बलराम कृषि महोत्सव एवं जिला स्तरीय किसान मेले का आयोजन किया गया। कृषि उपज मंडी समिति परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। समारोह में कृषि, पशुपालन, प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के सर्वांगीण विकास और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देवास के किसानों द्वारा आधुनिक कृषि तकनीकों और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि जिले में कृषि विकास के लिए किए जा रहे प्रयास अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक हैं।
किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर
कार्यक्रम में अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित बलराम कृषि महोत्सव मध्य प्रदेश का 45वां जिला स्तरीय आयोजन है। इसका उद्देश्य किसानों तक कृषि संबंधी जानकारी पहुंचाना और उन्हें नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
विधायक गायत्री राजे पवार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों और देवास की कृषि उपज मंडी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं।
किसान मेले में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा श्रीअन्न यानी मिलेट्स के उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
रबी फसलों की उन्नत किस्मों की दी गई जानकारी
रबी सीजन को ध्यान में रखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों की प्रमाणित किस्मों के बारे में जानकारी दी। इसमें गेहूं, चना, मसूर और सरसों जैसी प्रमुख फसलें शामिल रहीं।
विशेषज्ञों ने किसानों को फसल उत्पादन की आधुनिक तकनीकों, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और कृषि लागत को नियंत्रित करने के तरीकों पर मार्गदर्शन दिया। इसका उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करना और उनकी उत्पादकता बढ़ाने में सहायता करना रहा।
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कृषि यंत्रों और सिंचाई तकनीकों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र
कृषि महोत्सव के दौरान मंडी परिसर में आधुनिक कृषि उपकरणों, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों और कृषि क्षेत्र में उपयोगी नई तकनीकों की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों को इन उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग और खेती में उनकी उपयोगिता से परिचित कराया गया।
प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को जल प्रबंधन, कृषि यंत्रीकरण और कम संसाधनों में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के विकल्पों की जानकारी मिली।
प्रगतिशील किसानों ने साझा किए खेती के सफल प्रयोग
मेले में देवास जिले के किसानों ने अपने कृषि अनुभव और नवाचार साझा किए। छोटी चुरलाय के किसान धर्मेन्द्र सिंह राजपूत ने प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीकों के समन्वय से मॉडल फार्मिंग तथा आय बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी।
कनोरिया की पवित्रा नागर ने प्राकृतिक खेती के तरीकों और उनसे प्राप्त अनुभवों को साझा किया। वहीं, सोनकच्छ के अरनिया कला गांव के नारायण सिंह सेंधव ने शेडनेट और पॉलीहाउस के माध्यम से उद्यानिकी फसलों के प्रबंधन के बारे में बताया।
पोलाय जागीर के लक्ष्मीनारायण ने किसान उत्पादक संगठन (FPO) के माध्यम से कृषि उत्पादों की मार्केटिंग व्यवस्था पर प्रकाश डाला। टोंकखुर्द के चौबारधीरा गांव की संगीता कुशवाह ने प्राकृतिक खेती अपनाने के अपने व्यावहारिक अनुभव प्रस्तुत किए।
कृषि और पशुपालन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 किसान सम्मानित
बलराम कृषि महोत्सव में कृषि, पशुपालन, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी और कृषि विपणन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 11 किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित किसानों में शामिल हैं:
- धर्मेन्द्र सिंह राजपूत, देवास: आधुनिक खेती और कृषि नवाचार।
- दौलत यादव: उन्नत पशुपालन।
- पवित्रा नागर: प्राकृतिक खेती।
- जगदीश नागर, मेंडकी धाकड़: फसल विविधीकरण।
- नारायण सिंह सेंधव, सोनकच्छ: शेडनेट एवं पॉलीहाउस आधारित उद्यानिकी।
- लक्ष्मीनारायण, पोलाय जागीर: एफपीओ के माध्यम से कृषि उत्पादों की मार्केटिंग।
- संगीता कुशवाह, चौबारधीरा: प्राकृतिक खेती का सफल क्रियान्वयन।
- चिंताबाई कुमरे, खातेगांव: प्राकृतिक खेती।
- बांकेसिंह कर्मा, बागली: कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य।
- ज्योति राव, खेरखेड़ा: प्राकृतिक खेती का क्रियान्वयन और प्रसार।
- रामभरोसे बैरागी, खेरखेड़ा: प्राकृतिक खेती के प्रसार में योगदान।
प्राकृतिक खेती और कृषि नवाचारों को मिलेगा प्रोत्साहन
देवास में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, जल प्रबंधन और कृषि उत्पादों के विपणन से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराने का अवसर दिया। कार्यक्रम में किसानों के अनुभवों और नवाचारों को सम्मानित करने के साथ कृषि विकास के विभिन्न तरीकों को प्रोत्साहित किया गया।
ऐसे आयोजनों से किसानों को नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने, दूसरे किसानों के सफल प्रयोगों से सीखने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के विकल्प समझने में मदद मिल सकती है।

