मध्य प्रदेश की दूधी सिंचाई परियोजना में पिपरिया-गाडरवारा के 19 गांव शामिल हुए। 5,859.66 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए सिंचाई सुविधा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दूधी सिंचाई परियोजना के दायरे में पिपरिया और गाडरवारा तहसीलों के 19 अतिरिक्त गांवों को शामिल किया गया है। इससे इन क्षेत्रों की कुल 5,859.66 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने का रास्ता साफ हुआ है। इस निर्णय पर होशंगाबाद-नरसिंहपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जल संसाधन विभाग के प्रति आभार जताया है।
सांसद दर्शन सिंह चौधरी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और जल संसाधन विभाग के सहयोग से यह निर्णय लिया गया है। परियोजना में पहले शामिल नहीं हो पाए गांवों को जोड़ने से क्षेत्र के किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
19 गांवों के किसानों को मिलेगा सिंचाई सुविधा का लाभ
दूधी सिंचाई परियोजना में पिपरिया एवं गाडरवारा तहसीलों के 19 गांवों को शामिल किए जाने से 5,859.66 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई के दायरे में लाने की योजना है। इस पहल से क्षेत्र में कृषि के लिए जल उपलब्धता बढ़ाने और किसानों की सिंचाई संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पर्याप्त पानी मिलने से खेती की योजना बेहतर तरीके से बनाई जा सकती है। इससे फसलों की उत्पादकता बढ़ाने और कृषि कार्यों को अधिक व्यवस्थित बनाने के अवसर भी मिलेंगे।
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कृषि उत्पादन और फसल विविधीकरण को मिलेगा बढ़ावा
सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि सिंचाई व्यवस्था मजबूत होने से पिपरिया और गाडरवारा क्षेत्र के किसान परिवारों को लाभ मिलने की संभावना है। बेहतर जल उपलब्धता से किसान अपनी कृषि जरूरतों के अनुसार फसलों का चयन कर सकेंगे।
परियोजना के विस्तार से कृषि उत्पादन में वृद्धि, फसल विविधीकरण और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। सिंचाई के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
किसानों के हित में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता
सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा और क्षेत्र में कृषि विकास को गति देना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। दूधी सिंचाई परियोजना में छूटे हुए गांवों को शामिल करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जल संसाधन विभाग का आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार, किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और कृषि आधारित आजीविका को प्रोत्साहन मिल सकता है।
दूधी सिंचाई परियोजना के विस्तार से पिपरिया और गाडरवारा क्षेत्र में कृषि विकास की संभावनाएं मजबूत होने की उम्मीद है। अब इस पहल का लाभ संबंधित गांवों के किसानों तक पहुंचना महत्वपूर्ण होगा।

