पीरियड्स में असहनीय दर्द को सामान्य न समझें। जानें एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण, फर्टिलिटी पर असर और किन संकेतों पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
हर महीने पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द कई महिलाओं के लिए परेशानी का कारण बनता है। आमतौर पर इसे पीरियड क्रैम्प्स मानकर सह लिया जाता है, लेकिन यदि दर्द सामान्य से काफी ज्यादा हो और इसका असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार होने वाला तेज मासिक धर्म दर्द एंडोमेट्रियोसिस जैसी स्थिति से जुड़ा हो सकता है।
एंडोमेट्रियोसिस में समय पर पहचान और उचित चिकित्सकीय सलाह महत्वपूर्ण है। कुछ महिलाओं में इसके कारण लंबे समय तक दर्द की समस्या हो सकती है और कुछ मामलों में प्रजनन क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।
क्या होता है एंडोमेट्रियोसिस?
एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी चिकित्सकीय स्थिति है जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी कोशिकाएं गर्भाशय के बाहर विकसित होने लगती हैं। इससे प्रभावित हिस्से में सूजन और दर्द जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है।
इस स्थिति का सबसे प्रमुख लक्षण पीरियड्स के दौरान होने वाला तेज दर्द माना जाता है। हालांकि, हर महिला में इसके लक्षण और उनकी तीव्रता अलग-अलग हो सकती है। कुछ लोगों में लगातार पेल्विक दर्द, संभोग के दौरान दर्द या गर्भधारण में कठिनाई जैसे लक्षण भी देखे जा सकते हैं।
बीमारी की पहचान में क्यों हो सकती है देरी?
एंडोमेट्रियोसिस की पहचान कई बार देर से होती है। इसका एक कारण यह है कि महिलाएं लंबे समय तक अत्यधिक पीरियड दर्द को सामान्य मानकर डॉक्टर से संपर्क नहीं करतीं। भारत में भी इस बीमारी के निदान में कई वर्षों की देरी की बात सामने आती रही है।
डायग्नोसिस में देरी होने से महिला को लंबे समय तक दर्द और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कुछ मामलों में इसका असर प्रजनन क्षमता पर भी पड़ सकता है। इसलिए लगातार बने रहने वाले या बढ़ते लक्षणों को लेकर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
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किन लक्षणों पर डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि पीरियड्स के दौरान दर्द इतना बढ़ जाए कि पढ़ाई, नौकरी, नींद या सामान्य दैनिक गतिविधियां प्रभावित होने लगें, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
खास तौर पर इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
- हर महीने बहुत ज्यादा या बढ़ता हुआ पीरियड दर्द
- सामान्य दर्द निवारक दवा से राहत न मिलना
- लगातार पेल्विक क्षेत्र में दर्द
- पीरियड्स के आसपास पेशाब करते समय दर्द
- मल त्याग के दौरान दर्द
- संभोग के दौरान दर्द
गर्भधारण करने में परेशानी
इनमें से कोई लक्षण मौजूद होने का मतलब यह जरूरी नहीं कि एंडोमेट्रियोसिस ही हो। कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकती हैं। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की जांच जरूरी है।
किशोरियों में भी लक्षणों पर दें ध्यान
एंडोमेट्रियोसिस से जुड़े लक्षण कम उम्र में भी शुरू हो सकते हैं। इसलिए किशोरियों में यदि पीरियड्स के दौरान दर्द अत्यधिक हो, बार-बार हो या सामान्य गतिविधियों में बाधा पैदा करे, तो इसे केवल सामान्य मासिक धर्म की समस्या मानकर टालना उचित नहीं है।
समय पर चिकित्सकीय सलाह मिलने से लक्षणों के कारण का पता लगाने और उचित प्रबंधन की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।
तेज पीरियड दर्द को सामान्य मानकर न सहें
पीरियड्स के दौरान हल्का दर्द सामान्य हो सकता है, लेकिन ऐसा दर्द जो आपकी दिनचर्या को रोक दे या हर महीने गंभीर परेशानी पैदा करे, उस पर ध्यान देना जरूरी है। एंडोमेट्रियोसिस की संभावना समेत अन्य कारणों की जांच के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ली जा सकती है।

