लखनऊ विश्वविद्यालय में 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभारंभ किया। 121 प्रकाशकों के 250 स्टॉल पर हजारों किताबें उपलब्ध हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय में शनिवार से नौ दिवसीय 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पुस्तक महोत्सव का उद्घाटन किया। आयोजन में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रकाशकों ने बड़ी संख्या में किताबों के स्टॉल लगाए हैं। हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू और अवधी सहित विभिन्न भाषाओं की किताबें यहां पाठकों के लिए उपलब्ध हैं।
पुस्तक महोत्सव में करीब 121 प्रकाशकों के 250 स्टॉल लगाए गए हैं। यहां साहित्य, शिक्षा, इतिहास, विज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न विषयों से जुड़ी पुस्तकों की विस्तृत रेंज देखने को मिल रही है। खास बात यह है कि पुस्तक मेले में प्रवेश निशुल्क रखा गया है।
सीएम योगी ने बच्चों को बांटी ‘एग्जाम वॉरियर्स’
महोत्सव के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिसर में लगी पुस्तक प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ की प्रतियां भी वितरित कीं।
सीएम योगी ने छात्रों से इस पुस्तक को पढ़ने और इसमें दिए गए विचारों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि परीक्षा केवल स्कूल या कॉलेज की पढ़ाई तक सीमित नहीं है। जीवन में अलग-अलग परिस्थितियों के रूप में हर व्यक्ति को किसी न किसी परीक्षा का सामना करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, मुश्किल परिस्थितियों में ‘एग्जाम वॉरियर्स’ युवाओं को आत्मविश्वास बनाए रखने और चुनौतियों का सामना करने में मार्गदर्शन दे सकती है। उन्होंने इसे केवल विद्यार्थियों ही नहीं, बल्कि युवाओं और आम नागरिकों के लिए भी उपयोगी बताया।
‘युवा किताब नहीं पढ़ता’ कहना सही नहीं: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह मान लेना कि आज का युवा किताबों से दूर हो गया है और केवल सोशल मीडिया पर समय बिताता है, उचित नहीं है। उनके मुताबिक असल जरूरत ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिससे अच्छी और उपयोगी किताबें युवाओं तक आसानी से पहुंच सकें।
उन्होंने लखनऊ में पुस्तक महोत्सव की शुरुआत से जुड़ा अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब पहली बार युवराज मलिक की ओर से पुस्तक महोत्सव आयोजित करने का प्रस्ताव आया था, तब इसे प्रोत्साहित किया गया। लखनऊ के बाद गोरखपुर में भी पुस्तक महोत्सव आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और पुस्तकों की बिक्री भी हुई।
सीएम ने कहा कि इन आयोजनों से यह धारणा गलत साबित होती है कि वर्तमान पीढ़ी किताबें पढ़ने में रुचि नहीं रखती।
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ज्ञान को सीमित दायरे में नहीं रखना चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति, समाज या राष्ट्र की प्रगति के लिए ज्ञान का विस्तार जरूरी है। ज्ञान को किसी सीमित विचार या दायरे तक बांधने के नतीजे लंबे समय में समाज और देश दोनों को भुगतने पड़ते हैं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश का संबंध भारतीय ज्ञान और चिंतन की समृद्ध परंपरा से रहा है। नैमिषारण्य, काशी और शुक्रतीर्थ जैसे स्थान ज्ञान, संवाद और आध्यात्मिक परंपरा के महत्वपूर्ण केंद्र रहे हैं।
योगी ने युवाओं से अलग-अलग विषयों को पढ़ने और नए विचारों को समझने की अपील करते हुए कहा कि केवल पाठ्यक्रम पूरा करना ही संपूर्ण ज्ञान नहीं है।
पुस्तक महोत्सव विचार और संवाद का मंच
सीएम योगी ने कहा कि पुस्तक महोत्सव केवल किताबों की खरीद-बिक्री तक सीमित आयोजन नहीं है। यह विद्यार्थियों, लेखकों, पाठकों और प्रकाशकों को एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर भी देता है।
अगले नौ दिनों में महोत्सव के दौरान पुस्तकों के विमोचन, लेखकों के साथ संवाद और साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। पाठकों को लेखकों की रचनात्मक यात्रा समझने तथा विभिन्न विषयों पर विचार जानने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि आत्मकथाओं के जरिए महान व्यक्तित्वों के संघर्ष और उपलब्धियों को समझा जा सकता है, जबकि वैज्ञानिकों की पुस्तकों से उनके शोध और अनुभवों की जानकारी मिलती है।
57,600 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने डिजिटल युग का जिक्र करते हुए कहा कि तकनीक ने गांव और शहर के बीच की दूरी काफी कम कर दी है। उन्होंने ग्राम सचिवालयों में डिजिटल सुविधाओं और पुस्तकालयों को इसका उदाहरण बताया।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इन पुस्तकालयों में नेशनल बुक ट्रस्ट की किताबें भी उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को सुविधाएं और उचित मंच मिलने पर उनकी प्रतिभा सामने आती है। पहले संसाधनों की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के कई प्रतिभाशाली बच्चे अपनी क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर पाते थे।
ऑपरेशन कायाकल्प से बदली स्कूलों की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में किए गए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले बेसिक और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े कई स्कूलों की स्थिति बेहद खराब थी। स्कूल भवनों और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए ऑपरेशन कायाकल्प के तहत काम किया गया।
उन्होंने बताया कि स्कूलों में बेहतर भवन, स्मार्ट क्लास और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। चित्रकूट का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुविधाएं मिलने के बाद बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल कर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर रहे हैं।
पुस्तक महोत्सव में युवाओं के लिए कई अवसर
गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 अगले नौ दिनों तक चलेगा। इस दौरान विद्यार्थियों और पुस्तक प्रेमियों को अलग-अलग विषयों की किताबें देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा। साहित्यिक कार्यक्रमों और लेखकों के साथ संवाद के जरिए यह आयोजन युवाओं को पढ़ने और नए विचारों से जुड़ने के लिए प्रेरित करने का प्रयास करेगा।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को संदेश दिया कि वे केवल परीक्षा और पाठ्यक्रम तक अपनी पढ़ाई सीमित न रखें, बल्कि विभिन्न विषयों की अच्छी पुस्तकों को पढ़कर अपने ज्ञान का दायरा बढ़ाएं।

