अमनिंदर सिंह मान के समर्थन में आज बार एसोसिएशन काम बंद रखेंगी। जानें SC/ST एक्ट में FIR दर्ज होने के बाद वकीलों के विरोध की वजह।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की बार एसोसिएशन मंगलवार को कामकाज से दूर रहेंगी। यह फैसला मानसा के अधिवक्ता अमनिंदर सिंह मान के समर्थन में लिया गया है। उनके खिलाफ दर्ज FIR को लेकर वकीलों में नाराजगी है और इसी के विरोध में न्यायिक कार्य से अलग रहने का निर्णय लिया गया है।
अमनिंदर सिंह मान के खिलाफ पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी को लेकर कथित आपत्तिजनक और जातिसूचक टिप्पणी करने के आरोप में SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अमनिंदर सिंह मान के समर्थन में बार एसोसिएशन
अमनिंदर सिंह मान के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में पहले भी वकीलों ने न्यायिक कामकाज का बहिष्कार किया था। सोमवार को पंजाब की विभिन्न बार एसोसिएशनों ने उनके समर्थन में काम बंद रखा था।
इससे पहले मानसा जिला बार एसोसिएशन और सब-डिविजनल अदालतों से जुड़े वकील शुक्रवार और शनिवार को भी काम से दूर रहे थे। अमनिंदर सिंह मान के खिलाफ 18 अगस्त को मानसा साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। फिलहाल मामले में किसी गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है।
also read: भौंडसी जेल पहुंचे पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान, मंत्री संजीव अरोड़ा से की…
बार एसोसिएशन ने SC/ST एक्ट की धाराओं पर उठाए सवाल
मानसा जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट गुरदास सिंह मान ने कहा कि अमनिंदर सिंह मान की ओर से जसवीर सिंह गढ़ी के संबंध में टिप्पणी की गई थी, लेकिन उनके खिलाफ SC/ST एक्ट की धाराएं लगाए जाने पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर पहले मानसा की अदालतों में दो दिन काम बंद रखा गया। इसके बाद पंजाब की सभी बार एसोसिएशनों ने भी वकील के समर्थन में न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। अब संयुक्त कार्य समिति की अपील पर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की बार एसोसिएशन मंगलवार को काम बंद रख रही हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
मामला 7 जुलाई को की गई एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा बताया जा रहा है। FIR में आरोप है कि अमनिंदर सिंह मान ने सोशल मीडिया पर जसवीर सिंह गढ़ी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
इसके बाद पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने 14 जुलाई को मामले का स्वतः संज्ञान लिया। आयोग ने पुलिस को FIR दर्ज करने और कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
वकीलों का क्या कहना है?
वकीलों का कहना है कि संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट में ऐसा कोई कंटेंट नहीं था, जिसके आधार पर SC/ST एक्ट की धाराएं लगाई जानी चाहिए थीं। इसी मुद्दे को लेकर बार एसोसिएशन लगातार विरोध कर रही हैं।
वकीलों का कहना है कि वे अपने साथी अधिवक्ता के खिलाफ हुई कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं और इसी क्रम में मंगलवार को पंजाब, हरियाणा तथा चंडीगढ़ में न्यायिक कार्य से अलग रहने का फैसला किया गया है।
मामले में अभी गिरफ्तारी नहीं
अमनिंदर सिंह मान के खिलाफ FIR दर्ज होने के बावजूद अभी तक इस मामले में गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं, बार एसोसिएशनों के विरोध के चलते यह मामला कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा में बना हुआ है। आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और मामले में होने वाली कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

