PNB करेंसी चेस्ट में ₹17 करोड़ के जाली नोट मिले। जांच में कई महीनों से नकली नोटों के खेल और 3.40 लाख ₹500 के नोटों का खुलासा हुआ।
सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से बरामद जाली नोटों के मामले ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि करेंसी चेस्ट में नकली नोट पहुंचाने का कथित खेल कुछ दिनों का नहीं, बल्कि कई महीनों से चल रहा था।
जांच में अब तक करीब ₹17 करोड़ मूल्य के नकली नोट बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। खास बात यह है कि बरामद किए गए सभी नोट ₹500 के बताए जा रहे हैं। इस हिसाब से करीब 3.40 लाख नकली नोट तैयार किए गए होंगे।
कई महीनों से चल रही थी कथित साजिश
प्राथमिक जांच के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर आपसी मिलीभगत से लंबे समय तक नकली नोटों की अदला-बदली की। इतनी बड़ी संख्या में जाली नोट तैयार करना और उन्हें करेंसी चेस्ट तक पहुंचाना अचानक संभव नहीं माना जा रहा है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नकली नोट कहां तैयार किए गए, उन्हें करेंसी चेस्ट तक किस माध्यम से पहुंचाया गया और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे।
करेंसी चेस्ट में नहीं पहुंचे थे सभी नकली नोट सर्कुलेशन में
जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, करेंसी चेस्ट में रखे गए कथित नकली नोट तत्काल बाजार में सर्कुलेशन के लिए नहीं भेजे गए थे। यही वजह मानी जा रही है कि बड़ी संख्या में नकली नोट होने के बावजूद मामला पहले सामने नहीं आया।
आरोपियों ने कथित तौर पर बंडलों को इस तरह व्यवस्थित किया कि जांच या सामान्य बैंकिंग प्रक्रिया के दौरान नकली नोटों की पहचान आसानी से न हो सके।
स्ट्रांग रूम की शुरुआती रैक में नहीं मिले जाली नोट
अब तक की जांच में एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है। स्ट्रांग रूम की शुरुआती रैक में रखे गए बंडलों में कथित तौर पर नकली नोट नहीं मिले, जबकि बाद की रैक में जाली नोटों की गड्डियां बरामद हुईं।
इससे जांचकर्ताओं को शक है कि नकली नोटों को बेहद योजनाबद्ध तरीके से रखा गया था। अगर करेंसी चेस्ट से बंडल बैंक शाखाओं या एटीएम के लिए भेजे जाते, तो भी कथित तौर पर एक साथ नकली नोटों वाली पूरी गड्डी बाहर न जाए, इसका ध्यान रखा गया होगा।
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₹500 के 3.40 लाख नकली नोटों का मामला
अब तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, करीब ₹17 करोड़ के जाली नोट बरामद किए गए हैं। चूंकि सभी नोट ₹500 मूल्यवर्ग के बताए जा रहे हैं, इसलिए इनकी संख्या लगभग 3,40,000 नोट बैठती है।
इतनी बड़ी संख्या में नकली नोटों की छपाई और फिर उन्हें बैंक की करेंसी चेस्ट में पहुंचाना जांच का सबसे अहम हिस्सा बन गया है। अधिकारियों को यह पता लगाना होगा कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन लोग थे और कथित तौर पर बैंकिंग सिस्टम तक उनकी पहुंच कैसे बनी।
नकली नोटों को प्रयोगशाला भेजे जाने की तैयारी
बरामद जाली नोटों में इस्तेमाल सामग्री की गहन जांच के लिए कुछ नमूनों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे जाने की संभावना है। प्रयोगशाला में नोटों के कागज, स्याही, वॉटरमार्क, सुरक्षा धागे और अन्य सुरक्षा विशेषताओं की जांच की जा सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि नकली नोट किस तरीके से तैयार किए गए और उनकी गुणवत्ता कितनी थी।
बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
करेंसी चेस्ट जैसी संवेदनशील व्यवस्था में इतनी बड़ी संख्या में कथित नकली नोट मिलने के बाद बैंक की आंतरिक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जांच एजेंसियां अब पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ नकली नोटों के स्रोत, आरोपियों की भूमिका और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

