Coal India Share Price: कोल इंडिया शेयर में बाजार की गिरावट के बीच 4% से ज्यादा तेजी आई। जानें शेयर उछलने की वजह, कंपनी के आंकड़े और UBS, HSBC समेत ब्रोकरेज की राय।
Coal India Share Price: घरेलू शेयर बाजार में बुधवार, 2 सितंबर को भारी दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 800 अंकों से ज्यादा फिसल गया, जबकि निफ्टी भी 23,800 के स्तर से नीचे चला गया। इसके उलट देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई।
कारोबार के दौरान कोल इंडिया का स्टॉक करीब 4.93 फीसदी बढ़कर 422.35 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, बाद में इसमें कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली। कंपनी के अगस्त महीने के कारोबारी आंकड़े, ई-ऑक्शन में मजबूत प्रीमियम और ब्रोकरेज फर्मों के सकारात्मक रुख को शेयर में तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
एक साल के निचले स्तर से शेयर में अच्छी रिकवरी
कोल इंडिया के शेयर ने 25 नवंबर 2025 को बीएसई पर 369.55 रुपये का एक साल का निचला स्तर दर्ज किया था। इसके बाद स्टॉक में लगातार रिकवरी देखने को मिली और 30 अप्रैल 2026 को यह बढ़कर 490.90 रुपये के एक साल के उच्च स्तर तक पहुंच गया।
ब्रोकरेज कवरेज की बात करें तो उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कंपनी को कवर करने वाले विश्लेषकों में से 14 ने शेयर पर Buy, 6 ने Hold और 5 ने Sell रेटिंग दी है।
अगस्त में उत्पादन घटा, लेकिन बिक्री बढ़ी
कोल इंडिया के अगस्त 2026 के कारोबारी आंकड़ों में उत्पादन में सालाना आधार पर गिरावट देखने को मिली। अगस्त में कंपनी का कोयला उत्पादन 5.7 फीसदी घटकर 47.5 मिलियन टन रह गया।
हालांकि, ऑफटेक यानी कोयले की बिक्री में तेजी रही। कंपनी का ऑफटेक सालाना आधार पर 5.5 फीसदी बढ़कर 60.6 मिलियन टन पहुंच गया।
चालू वित्त वर्ष 2026-27 के अप्रैल से अगस्त की अवधि में कंपनी का कुल उत्पादन करीब 4.5 फीसदी घटकर 267.5 मिलियन टन रहा। पूरे वित्त वर्ष के लिए कोल इंडिया ने 815 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। वहीं, अप्रैल-अगस्त अवधि में कंपनी का डिस्पैच सालाना आधार पर 6.7 फीसदी बढ़कर 322.9 मिलियन टन हो गया।
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ई-ऑक्शन प्रीमियम में जबरदस्त बढ़ोतरी
कोल इंडिया के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने की एक अहम वजह ई-ऑक्शन से जुड़ा आंकड़ा भी है। अगस्त में कंपनी का ई-ऑक्शन प्रीमियम सालाना आधार पर करीब 59 फीसदी बढ़ा।
अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच ई-ऑक्शन प्रीमियम भी पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले बढ़कर 35 फीसदी से 46 फीसदी तक पहुंच गया।
कंपनी ने ये कारोबारी आंकड़े मंगलवार को बाजार बंद होने के बाद जारी किए थे, जिसके बाद अगले कारोबारी सत्र में शेयर पर इसका असर देखने को मिला।
UBS ने दी Buy रेटिंग
ब्रोकरेज फर्म UBS ने कोल इंडिया पर अपनी Buy रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 550 रुपये का लक्ष्य मूल्य दिया है।
UBS के अनुसार अगस्त में कंपनी का ऑफटेक करीब 6 फीसदी बढ़ा, हालांकि यह बिजली की मांग में दर्ज करीब 13 फीसदी की वृद्धि से कम रहा। ब्रोकरेज का मानना है कि उत्पादन में कमी के चलते वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में पिटहेड कोयले की बिक्री प्रभावित हुई है।
HSBC की Hold रेटिंग
HSBC ने कोल इंडिया के शेयर पर Hold रेटिंग कायम रखी है और 440 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक बिजली की मजबूत मांग और हाइड्रो पावर से कम उत्पादन के कारण कोयले की मांग को सपोर्ट मिल रहा है। इसके अलावा कोयले का स्टॉक तीन साल के निचले स्तर पर होने और क्षेत्रीय बाजारों में कीमतों में मजबूती के कारण ई-ऑक्शन प्रीमियम में आगे भी बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।
Morgan Stanley और Nuvama की क्या राय है?
Morgan Stanley ने कोल इंडिया पर Equal-weight रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 420 रुपये का लक्ष्य मूल्य रखा है।
वहीं, अगस्त के कारोबारी अपडेट के बाद Nuvama ने अपनी रेटिंग में बदलाव किया है। ब्रोकरेज ने कोल इंडिया को पहले दी गई Reduce रेटिंग को बढ़ाकर Hold कर दिया है। साथ ही लक्ष्य मूल्य भी 396 रुपये से बढ़ाकर 454 रुपये कर दिया गया है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
कोल इंडिया के हालिया कारोबारी आंकड़ों में उत्पादन में कमजोरी के बावजूद ऑफटेक और ई-ऑक्शन प्रीमियम में मजबूती नजर आ रही है। यही वजह है कि कुछ ब्रोकरेज कंपनियां शेयर को लेकर सकारात्मक बनी हुई हैं, जबकि कुछ ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।
हालांकि, अलग-अलग ब्रोकरेज के लक्ष्य मूल्यों और रेटिंग में अंतर है। इसलिए केवल एक दिन की तेजी को देखकर शेयर खरीदने या बेचने का फैसला करने के बजाय कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, कोयले की कीमतों, उत्पादन लक्ष्य और बाजार की स्थिति का व्यापक आकलन करना जरूरी है।

