रोहतक में दहेज हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मृतका के मायके वालों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस के आश्वासन के बाद शव जींद ले गए।
रोहतक में दहेज हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को मृतका के मायके पक्ष ने सिविल लाइन थाने के बाहर प्रदर्शन किया। जींद से पहुंचे परिजनों ने पुलिस से पति छविकांत, सास सुशीला समेत चारों नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। परिजनों ने साफ कहा कि जब तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती, वे शव को स्वीकार नहीं करेंगे।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर DSP दलीप सिंह और थाना प्रभारी महेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को मामले की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद मायके पक्ष के लोग विवाहिता कुसुम का शव लेकर जींद रवाना हो गए।
2023 में हुई थी कुसुम की शादी
जींद के नरवाना रोड स्थित हकीकत नगर निवासी राजकुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी कुसुम की शादी 13 दिसंबर 2023 को रोहतक की दुर्गा कॉलोनी निवासी छविकांत से हुई थी। छविकांत गुरुग्राम में निजी कंपनी में काम करता है।
परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही कुसुम को कथित तौर पर दहेज के लिए परेशान किया जाने लगा। कुसुम ने परिवार को बताया था कि पति छविकांत, सास सुशीला, ननद कीर्ति और नानी उसे दहेज को लेकर प्रताड़ित करते थे।
नवंबर 2025 में मायके भेजने का आरोप
परिवार के मुताबिक, नवंबर 2025 में कुसुम के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उसे ससुराल से निकाल दिया गया। इसके बाद वह करीब नौ महीने तक मायके में रही।
परिजनों का कहना है कि 15 अगस्त को ससुराल पक्ष के लोग कुसुम को वापस अपने साथ ले गए और उसे खुश रखने का भरोसा दिया। लेकिन दो दिन बाद ही परिवार को उसकी मौत की सूचना मिली।
पहले बताया बेटी ठीक है, फिर मौत की खबर
कुसुम के पिता का आरोप है कि 17 अगस्त को पहले परिवार को बताया गया कि उनकी बेटी ठीक है। कुछ समय बाद उन्हें उसकी मौत की जानकारी दी गई। परिजनों ने आशंका जताई कि कुसुम की हत्या करने के बाद शव को फंदे से लटकाया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम समेत अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मां ने कहा- दो दिन पहले ही माफी मांग रहा था दामाद
थाने के बाहर कुसुम की मां कमला देवी ने आरोप लगाया कि 15 अगस्त को छविकांत, उसकी मां और कुछ रिश्तेदार उनके घर आए थे। उनके मुताबिक, दामाद ने कुसुम को खुश रखने की बात कही थी और माफी भी मांगी थी।
कमला देवी ने कहा कि इसके दो दिन बाद ही उनकी बेटी की मौत की खबर आ गई। परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक शव लेने से इनकार कर दिया।
अंतिम संस्कार को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी
थाने में दोनों पक्षों के बीच अंतिम संस्कार को लेकर भी विवाद हुआ। ससुराल पक्ष का कहना था कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अंतिम संस्कार ससुराल में ही किया जाना चाहिए।
वहीं कुसुम के पिता राजकुमार ने कहा कि जिस परिवार पर बेटी की हत्या का आरोप है, उसे शव सौंपना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाता है, तो परिवार रोहतक में ही अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार है।

