पंजाब के 23 जिलों के गांवों में 470 करोड़ रुपये से 3 लाख सोलर LED स्ट्रीट लाइटें लगेंगी। योजना से ग्रामीण सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
पंजाब सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर रोशनी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना शुरू करने की घोषणा की है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मंत्री अमन अरोड़ा के अनुसार, राज्य के सभी 23 जिलों के गांवों में करीब 3 लाख सोलर एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। इस पूरी परियोजना पर लगभग 470 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
पंजाब भवन में सात चयनित एजेंसियों को कार्य आदेश जारी करने के बाद अमन अरोड़ा ने इस परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य गांवों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करना, ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और लोगों तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच बढ़ाना है।
सरकार देगी परियोजना की 70 प्रतिशत राशि
योजना के लिए पंजाब सरकार ने नया वित्तीय मॉडल तैयार किया है। इसके तहत कुल परियोजना लागत का 70 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि ग्राम पंचायतों को 30 प्रतिशत राशि का योगदान देना होगा। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से पंचायतों पर आर्थिक बोझ कम होगा और अधिक से अधिक गांव इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
PEDA संभालेगी योजना का कार्यान्वयन
इस पूरी परियोजना को पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी यानी PEDA के माध्यम से लागू किया जाएगा। एजेंसी नई सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाने के साथ-साथ पहले से लगी सौर स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और रखरखाव की व्यवस्था भी देखेगी। सरकार ने लाइटों के लिए रखरखाव सहायता की अवधि को पांच वर्ष से बढ़ाकर सात वर्ष कर दिया है, जिससे लंबे समय तक इनके सुचारु संचालन में मदद मिलेगी।
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डिजिटल तकनीक से होगी स्ट्रीट लाइटों की निगरानी
सरकार ने परियोजना में आधुनिक तकनीक को भी शामिल किया है। प्रत्येक स्ट्रीट लाइट को जियो-टैग किया जाएगा और उसकी पहचान के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था होगी। इसके अलावा शिकायत दर्ज कराने के लिए IVRS आधारित सिस्टम भी उपलब्ध कराया जाएगा। लाइट खराब होने की स्थिति में स्वचालित रखरखाव प्रणाली के जरिए शिकायत का समाधान 72 घंटे के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है। दूरस्थ निगरानी के माध्यम से लाइटों की स्थिति पर भी नजर रखी जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरत के हिसाब से लगेंगी लाइटें
सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए उन इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां इसकी सबसे अधिक जरूरत है। ग्रामीण सड़कें, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं, धार्मिक स्थल और अधिक आबादी वाले क्षेत्र इस योजना के प्रमुख केंद्र होंगे।
योजना को स्वैच्छिक आधार पर लागू किया जाएगा। ग्राम पंचायतों को अपने गांव की स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुसार लाइटों की संख्या तथा उनके प्रकार का चयन करने की सुविधा दी जाएगी। इससे प्रत्येक गांव में उपलब्ध संसाधनों और जरूरत के अनुरूप सोलर लाइटिंग व्यवस्था तैयार की जा सकेगी।
गांवों की सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
अमन अरोड़ा ने कहा कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय सुरक्षा बेहतर होगी और सूर्यास्त के बाद लोगों की आवाजाही तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइटों के इस्तेमाल से स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भी पंजाब की स्थिति मजबूत होगी।
पंजाब सरकार की 470 करोड़ रुपये की यह परियोजना राज्य के ग्रामीण इलाकों में आधुनिक प्रकाश व्यवस्था विकसित करने की दिशा में अहम कदम है। 3 लाख सोलर एलईडी स्ट्रीट लाइटों की स्थापना के साथ जियो-टैगिंग, डिजिटल शिकायत प्रणाली और सात साल की रखरखाव व्यवस्था को जोड़ने से परियोजना की निगरानी और संचालन को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है।

