AAP विधायक कुलदीप कुमार ने सदन में प्रवेश वर्मा के कथित व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने संविधान, समानता और दलित सम्मान की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।
आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कुलदीप कुमार ने सदन में भाजपा नेता प्रवेश वर्मा के कथित व्यवहार को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कुलदीप कुमार ने कहा कि विधानसभा और सदन केवल कानून बनाने का मंच नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक के अधिकार, सम्मान और आवाज का प्रतिनिधित्व करने वाली लोकतांत्रिक संस्था है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सदन के भीतर उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह लोकतांत्रिक मर्यादाओं और जनप्रतिनिधियों के सम्मान के अनुरूप नहीं था। कुलदीप कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि के सम्मान और गरिमा से समझौता नहीं होना चाहिए।
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बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को बताया प्रेरणा
AAP विधायक कुलदीप कुमार ने अपने सामाजिक संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि वह दलित समाज से आते हैं और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों से प्रेरणा लेते हैं।
उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने अपने जीवन में सामाजिक भेदभाव और अपमान का सामना किया, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों के सामने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने समानता, सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
कुलदीप कुमार ने कहा कि बाबा साहेब का संघर्ष आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा है और उनके विचार उन्हें संविधान, समानता तथा सम्मान की लड़ाई आगे बढ़ाने की ताकत देते हैं।
सदन केवल कानून बनाने की जगह नहीं है, बल्कि यह देश के हर वर्ग की आवाज़, अधिकार और सम्मान का प्रतीक है।
हाल ही में सदन के भीतर BJP नेता प्रवेश वर्मा द्वारा मेरे साथ किया गया व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पूरी तरह खिलाफ है।
मैं दलित समाज से आता हूँ।… pic.twitter.com/PLCPalu2XS
— MLA Kuldeep Kumar (@KuldeepKumarAAP) August 12, 2026
अपमान और भेदभाव से नहीं रुकेंगे: कुलदीप कुमार
AAP विधायक ने कहा कि किसी भी प्रकार का अपमान या भेदभाव उन्हें अपने उद्देश्य से पीछे नहीं हटा सकता। उन्होंने संविधान में विश्वास जताते हुए कहा कि वह समान अधिकार, सामाजिक न्याय और सम्मान के लिए अपनी आवाज मजबूती से उठाते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च होती है और जनता हर राजनीतिक घटनाक्रम को देख रही है। उनके अनुसार, आने वाले समय में जनता अपने मत के माध्यम से राजनीतिक दलों और नेताओं के रवैये का जवाब देती है।
संविधान और समानता की लड़ाई जारी रखने का संकल्प
कुलदीप कुमार ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान का अधिकार देता है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखें और समाज के हर वर्ग की आवाज को सम्मान दें।
उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और समानता के लिए उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। “जय भीम!” के संदेश के साथ कुलदीप कुमार ने संविधान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

