सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में 1.30 लाख साइकिलों की खरीद पर सवाल उठाए और कीमत, मॉडल, वेंडर चयन व कथित कमीशन की जांच की मांग की।
आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार की साइकिल खरीद प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार द्वारा खरीदी जा रही साइकिलों की गुणवत्ता और भुगतान की गई कीमत के बीच बड़ा अंतर है।
सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब कोई डीलर किसी निर्माता की कीमत से भी कम दर पर साइकिल उपलब्ध करा सकता है, तो ऐसी स्थिति में सरकारी खरीद में अधिक राशि का भुगतान क्यों किया जा रहा है।
साइकिल की गुणवत्ता और कीमत को लेकर उठाए सवाल
भारद्वाज के अनुसार, संबंधित वेंडर ने एक बेहतर मॉडल उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन कथित तौर पर उससे कम कीमत वाला मॉडल दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उपलब्ध कराई जा रही साइकिल की कीमत करीब 4,000 रुपये प्रति यूनिट है, जबकि सरकार लगभग 7,000 रुपये प्रति साइकिल के हिसाब से भुगतान कर रही है।
AAP नेता ने इस अंतर को लेकर खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए और सरकार से पूरे मामले की जांच की मांग की।
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1.30 लाख साइकिलों की खरीद पर सवाल
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि यह मामला लगभग 1.30 लाख साइकिलों की खरीद से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि साइकिल की वास्तविक लागत और सरकारी भुगतान के बीच अंतर के कारण बड़े पैमाने पर सार्वजनिक धन के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि साइकिलों की खरीद के लिए निर्धारित कीमत किस आधार पर तय की गई और वेंडर द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे मॉडल की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई।
Cycle Scam
How is it possible that a dealer can give a cycle cheaper than manufacturer of cycle ?
It’s only possible in Delhi Govt. Because Vendor promised a superior model but is providing an inferior model of Rs 4000/- per cycle and Govt is paying the price if superior model… pic.twitter.com/f7h5mseHZz
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) August 8, 2026
‘कमीशन’ के आरोप की जांच की मांग
भारद्वाज ने अपने बयान में खरीद प्रक्रिया में लगभग 75 प्रतिशत के कथित कमीशन का आरोप भी लगाया। हालांकि, यह आरोप स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि यदि एक ही उत्पाद की वास्तविक कीमत और सरकारी खरीद मूल्य में इतना बड़ा अंतर है, तो इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए। उन्होंने खरीद से संबंधित टेंडर, तकनीकी specifications, वेंडर चयन और भुगतान प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की मांग की।
पारदर्शिता पर सरकार से मांगा जवाब
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकारी खरीद में गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धी दर और पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण पहलू होने चाहिए। उन्होंने मांग की कि संबंधित विभाग पूरे मामले में स्पष्ट जानकारी सामने रखे ताकि जनता को पता चल सके कि साइकिलों की कीमत और मॉडल का निर्धारण किस प्रक्रिया के तहत किया गया।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन से होने वाली किसी भी खरीद में जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है और यदि नियमों के उल्लंघन या वित्तीय अनियमितता के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

