रोहतक में आयोजित वार्षिक सम्मान समारोह में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी नहीं बल्कि संस्कारवान और राष्ट्रहित में सोचने वाले युवाओं का निर्माण करना है।
रोहतक में आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह के दौरान हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के चरित्र, सोच और राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल किताबों का ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को तकनीक, कौशल, अनुशासन और संस्कारों से भी समृद्ध होना होगा।
पंडित नेकीराम राजकीय महाविद्यालय में आयोजित वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक उपस्थित रहे। समारोह के दौरान शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया और कहा कि मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही युवाओं को सफलता के शिखर तक पहुंचाता है।
विद्यार्थियों को दिए 468 सम्मान
समारोह में शिक्षा मंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कुल 468 पुरस्कार प्रदान किए। इनमें शैक्षणिक क्षेत्र, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा राष्ट्रीय सेवा और कैडेट कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर उत्साह और गर्व साफ दिखाई दिया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह सम्मान केवल एक प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर सीखते रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो युवा समय के साथ अपने कौशल को विकसित करते हैं, वही भविष्य में समाज और देश का नेतृत्व करते हैं।
कौशल और संस्कार दोनों जरूरी
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक प्रतिस्पर्धा के दौर में युवाओं को केवल परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक मानी जाएगी जब वह विद्यार्थियों को जिम्मेदार, संवेदनशील और राष्ट्रहित में सोचने वाला नागरिक बनाए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति को योग्य बनाती है जबकि संस्कार उसे समाज के प्रति जिम्मेदार बनाते हैं। देश को केवल डिग्रीधारी युवाओं की नहीं, बल्कि ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो समाज और राष्ट्र के विकास के लिए समर्पित भावना से कार्य करें।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है और यही ऊर्जा देश को विश्व स्तर पर नई पहचान दिला सकती है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार गांव और शहर के प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि हर छात्र को आधुनिक संसाधन, बेहतर शिक्षण व्यवस्था और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी आज हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और यह बदलाव शिक्षा व्यवस्था में सुधार का परिणाम है।
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शिक्षकों को बताया राष्ट्र निर्माण का स्तंभ
शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को समाज का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि माता-पिता बच्चों को जन्म देते हैं, लेकिन शिक्षक उन्हें महान इंसान बनाते हैं। उन्होंने शिक्षकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि एक अच्छा शिक्षक समाज और राष्ट्र की दिशा बदल सकता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा और अंक नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होनी चाहिए।
भारतीय संस्कृति और मानवता का संदेश
अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री ने भारतीय संस्कृति और विश्व कल्याण की भावना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से पूरी दुनिया को शांति, सहअस्तित्व और मानवता का संदेश देता आया है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे आत्मनिर्भर भारत की सोच को आगे बढ़ाएं और स्थानीय उत्पादों तथा नवाचारों को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने आसपास की समस्याओं को समझकर उनके समाधान में भागीदारी निभानी चाहिए।
महाविद्यालय के विकास के लिए बड़ी घोषणा
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने महाविद्यालय परिसर के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने परिसर की जर्जर सड़क के निर्माण के लिए 15 लाख रुपये देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय जल्द ही अपने शताब्दी वर्ष की ओर बढ़ रहा है और ऐसे ऐतिहासिक शिक्षण संस्थानों का विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि महाविद्यालय की नई इमारत और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए भी अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। डिजिटल शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
उन्होंने कहा कि आने वाला समय ज्ञान, तकनीक और नवाचार का है, इसलिए विद्यार्थियों को लगातार सीखते रहने की आदत विकसित करनी होगी।
युवाओं को दिया प्रेरणादायक संदेश
समारोह के अंत में शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि संघर्ष और अनुशासन सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं।
उन्होंने युवाओं को सकारात्मक सोच अपनाने, समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने और देश के विकास में सक्रिय योगदान देने का संदेश दिया। समारोह के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के विचारों का जोरदार स्वागत किया।

