मालवा क्षेत्र में शुक्राना यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सांप्रदायिक राजनीति, बेअदबी कानून और पंजाब की एकता को लेकर बड़ा बयान दिया।
पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की चार दिवसीय शुक्राना यात्रा अब मालवा क्षेत्र में पहुंच चुकी है। यात्रा के तीसरे दिन मुख्यमंत्री ने बठिंडा से कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए तख्त श्री दमदमा साहिब में माथा टेका और प्रदेश की शांति, भाईचारे तथा धार्मिक सौहार्द को लेकर बड़ा संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और सांप्रदायिक राजनीति करने वाली ताकतों पर तीखा हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल पंजाब के भाईचारे को तोड़ने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के कई राज्यों में धार्मिक और सामाजिक विभाजन पैदा कर राजनीति करने वाली ताकतें अब पंजाब में भी वैसी ही स्थिति बनाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कहा कि पंजाब के लोग ऐसी किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देंगे।
“पंजाब पंजाबियों का है” के नारे के साथ दिया एकता का संदेश
तलवंडी साबो, बठिंडा शहर और कोटशमीर में आयोजित विशाल जनसभाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की पहचान हमेशा भाईचारे, प्रेम और आपसी सम्मान से रही है। उन्होंने कहा कि यहां हर धर्म और समुदाय के लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाते हैं और यही पंजाब की असली ताकत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो ताकतें पंजाब में नफरत फैलाने और लोगों को बांटने की कोशिश कर रही हैं, वे राज्य की एकता और सामाजिक संरचना के लिए खतरा हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे तत्वों के खिलाफ एकजुट रहें और पंजाब की सांझी संस्कृति को मजबूत करें।
पश्चिम बंगाल का उदाहरण देकर भाजपा पर लगाया बड़ा आरोप
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने संबोधन में पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां-जहां सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा मिला, वहां सामाजिक तनाव और डर का माहौल पैदा हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि अब पंजाब में भी इसी प्रकार की राजनीति लाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने देश की एकता और स्वतंत्रता के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानियां दी हैं, इसलिए उन्हें देशभक्ति का प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि देशभक्ति केवल भाषणों से नहीं, बल्कि बलिदान और सेवा से साबित होती है।
बेअदबी मामलों पर सख्त कानून का किया जिक्र
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यात्रा के दौरान नए बेअदबी विरोधी कानून को लेकर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम लागू करके ऐतिहासिक कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बेअदबी के मामलों में कोई भी आरोपी मानसिक रोगी होने का बहाना बनाकर सजा से नहीं बच सकेगा। उन्होंने बताया कि इस कानून के तहत दोषियों, साजिशकर्ताओं और सहयोगियों को उम्रकैद और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि यह कानून केवल सजा देने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बनाया गया है ताकि पंजाब की धार्मिक और सामाजिक शांति बनी रहे।
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“यह सेवा गुरु साहिब ने मुझसे ली है”
मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा कि यह कानून लाना केवल राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि उनके लिए एक आध्यात्मिक जिम्मेदारी थी। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की कृपा से उन्हें यह ऐतिहासिक सेवा करने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि दुनियाभर से लोग इस कानून के लिए उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं और यह पंजाब के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने कभी ऐसा कठोर कानून बनाने की इच्छा नहीं दिखाई क्योंकि उनकी नीयत साफ नहीं थी।
अकाली दल और कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने भाषण में शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस पर भी तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन दलों ने दशकों तक पंजाब को केवल लूटने का काम किया और आम लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज किया।
उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने भ्रष्टाचार, परिवारवाद और राजनीतिक स्वार्थ को प्राथमिकता दी, जबकि मौजूदा सरकार पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब करदाताओं का पैसा सीधे विकास कार्यों पर खर्च किया जा रहा है।
सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को भी जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है और हजारों युवाओं को बिना रिश्वत सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत लाखों परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए हैं, जिनके माध्यम से मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा महिलाओं के लिए मावां-धीयां सत्कार योजना का भी जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इसके तहत महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में नहरों और जलमार्गों के पुनर्जीवन का काम तेजी से किया गया है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है और भूजल स्तर में सुधार देखने को मिला है।
भीषण गर्मी में भी उमड़ा जनसैलाब
शुक्राना यात्रा के दौरान भारी गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रमों में पहुंचे। मुख्यमंत्री ने लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का यह समर्थन उन्हें और अधिक जिम्मेदारी के साथ काम करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य की तरक्की, सामाजिक सौहार्द और धार्मिक मर्यादा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब की शांति और भाईचारे के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
पंजाब की राजनीति में यात्रा बनी चर्चा का केंद्र
शुक्राना यात्रा अब पंजाब की राजनीति और सामाजिक माहौल में चर्चा का प्रमुख विषय बन चुकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक या राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य की सामाजिक एकता और सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाने का एक बड़ा मंच बन गई है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि पंजाब की पहचान उसकी सांझी संस्कृति, भाईचारे और आपसी सम्मान में है, जिसे किसी भी कीमत पर टूटने नहीं दिया जाएगा।

