Sri Anandpur Sahib से Thanksgiving Journey शुरू, गुरु साहिब के प्रति आभार और पंजाब में शांति व ‘Sarbat da Bhala’ की प्रार्थना।
खालसा पंथ की पवित्र भूमि से ‘थैंक्सगिविंग यात्रा’ की शुरुआत, आस्था और शांति का संदेश
Sri Anandpur Sahib, जो खालसा पंथ की जन्मभूमि मानी जाती है, वहां से आज Thanksgiving Journey की शुरुआत की गई। यह यात्रा गुरु साहिब के चरणों में आभार व्यक्त करने और पंजाब में शांति, सद्भाव और ‘Sarbat da Bhala’ की भावना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
गुरु साहिब के प्रति आभार और आस्था का प्रदर्शन
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गुरु साहिब के प्रति गहरी आस्था और कृतज्ञता व्यक्त की। यह यात्रा विशेष रूप से उस ऐतिहासिक पहल के लिए धन्यवाद स्वरूप निकाली गई है, जिसके तहत धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कानून लागू किया गया है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि यह कदम समाज में शांति और सम्मान की भावना को और मजबूत करेगा।
‘Sarbat da Bhala’ का संदेश
यात्रा के दौरान मुख्य रूप से “Sarbat da Bhala” यानी सभी के कल्याण का संदेश दिया गया। यह सिद्धांत सिख परंपरा का मूल आधार है, जो पूरी मानवता की भलाई और शांति की कामना करता है।
इस संदेश के माध्यम से समाज में एकता, भाईचारा और सद्भाव को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
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पंजाब में शांति की प्रार्थना
इस धार्मिक आयोजन के दौरान पंजाब में शांति, स्थिरता और भाईचारे की प्रार्थना की गई। श्रद्धालुओं ने कहा कि राज्य की समृद्धि और विकास तभी संभव है जब समाज में आपसी सम्मान और प्रेम बना रहे।
निष्कर्ष
Thanksgiving Journey न केवल एक धार्मिक यात्रा है, बल्कि यह आस्था, कृतज्ञता और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। Sri Anandpur Sahib से शुरू हुई यह यात्रा ‘Sarbat da Bhala’ के संदेश के साथ पूरे समाज को शांति और सद्भाव की ओर प्रेरित करती है।

