हरियाणा बोर्ड ने UMC केसों की सुनवाई 7 मई 2026 को तय की, प्रभावित छात्रों को व्यक्तिगत रूप से भिवानी मुख्यालय पहुंचने के निर्देश।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक एवं मुक्त विद्यालय) द्वितीय वार्षिक परीक्षा अप्रैल-2026 के दौरान दर्ज अनुचित साधन (UMC) मामलों को लेकर महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी परीक्षार्थियों की व्यक्तिगत सुनवाई 7 मई 2026 को बोर्ड मुख्यालय, भिवानी में आयोजित की जाएगी।
बोर्ड प्रवक्ता के अनुसार, जिन छात्रों के खिलाफ परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के उपयोग के मामले दर्ज किए गए थे, उन्हें सुबह 9:30 बजे निर्धारित समय पर उपस्थित होना अनिवार्य है। यह सुनवाई प्रक्रिया छात्रों को अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान करेगी, जिससे मामलों का निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।
ईमेल और एसएमएस के जरिए दी गई सूचना
बोर्ड ने संबंधित परीक्षार्थियों और संस्थानों को ईमेल और एसएमएस के माध्यम से सूचना भेज दी है। इसके साथ ही, UMC केसों से संबंधित छात्रों की सूची बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि परीक्षार्थी आसानी से अपनी स्थिति की जांच कर सकें।
परीक्षा अवधि और कार्रवाई
गौरतलब है कि 21 अप्रैल से 1 मई 2026 तक आयोजित इन परीक्षाओं के दौरान कई केंद्रों पर अनुचित साधनों के उपयोग के मामले सामने आए थे। बोर्ड ने परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इन मामलों को गंभीरता से लिया है।
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सुनवाई का उद्देश्य
बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि व्यक्तिगत सुनवाई का मुख्य उद्देश्य छात्रों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर देना है। इसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जिससे किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो।
नियमों के पालन पर जोर
शिक्षा बोर्ड ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा नियमों का पालन करें और अनुचित साधनों का प्रयोग करने से बचें। बोर्ड ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।
पारदर्शी प्रक्रिया से बढ़ेगा विश्वास
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पारदर्शी सुनवाई प्रक्रिया से छात्रों और अभिभावकों का बोर्ड पर विश्वास मजबूत होगा। यह कदम शिक्षा प्रणाली में अनुशासन बनाए रखने और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में सहायक साबित होगा।
बोर्ड ने अंत में दोहराया कि सभी संबंधित परीक्षार्थी समय पर उपस्थित होकर सुनवाई प्रक्रिया में भाग लें, ताकि उनके मामलों का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान किया जा सके।

