हरियाणा में फायर सर्विस अपग्रेड, बाढ़ मॉक ड्रिल, हीट वेव तैयारी और डिजिटल राजस्व सुधारों की बड़ी पहल का ऐलान।
हरियाणा सरकार ने आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य की फायर सर्विस को आधुनिक बनाने के लिए 400 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इस पहल से राज्य की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
सेक्टर-26 स्थित इंस्टीट्यूट फॉर द ब्लाइंड के 54वें स्थापना दिवस कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने संस्था द्वारा दिव्यांग बच्चों को शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण देने के प्रयासों की सराहना की और इसे सामाजिक सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
14 मई को राज्यस्तरीय बाढ़ मॉक ड्रिल
डॉ. मिश्रा ने बताया कि आगामी मानसून को देखते हुए 14 मई को हरियाणा के 13 संवेदनशील जिलों में व्यापक बाढ़ मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से किया जाएगा। तीन चरणों में होने वाले इस अभ्यास में 6 मई को ओरिएंटेशन, 12 मई को टेबल-टॉप एक्सरसाइज और 14 मई को फील्ड स्तर पर पूर्ण अभ्यास शामिल होगा।
गुरुग्राम, अंबाला, फरीदाबाद, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, पानीपत, सोनीपत सहित कुल 13 जिलों को बाढ़ की संवेदनशीलता के आधार पर चयनित किया गया है। इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाना और आपदा से निपटने की तैयारियों का मूल्यांकन करना है।
हीट वेव को लेकर अलर्ट
बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक दवाओं, ओआरएस, आईवी फ्लूड्स और आपात उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर हीटस्ट्रोक प्रबंधन यूनिट स्थापित की जा रही हैं और एंबुलेंस सेवाओं में विशेष प्रोटोकॉल लागू किया गया है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और मजदूरों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नागरिकों को दोपहर में बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है, जबकि नियोक्ताओं को श्रमिकों के लिए छाया, पानी और विश्राम की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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फायर सर्विस का व्यापक आधुनिकीकरण
राज्य की फायर सर्विस को आधुनिक उपकरणों और तकनीक से लैस किया जाएगा, जिससे आग और अन्य आपात स्थितियों में तेजी से प्रतिक्रिया दी जा सके। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों और संस्थानों में नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट और मॉक ड्रिल भी कराई जाएंगी।
डिजिटल राजस्व सुधारों की शुरुआत
डॉ. मिश्रा ने बताया कि प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मई 2026 में पेपरलेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन 2.0 सिस्टम लॉन्च किया जाएगा। इसके तहत पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और स्वचालित म्यूटेशन सिस्टम के जरिए पांच दिनों के भीतर राजस्व रिकॉर्ड अपडेट हो जाएगा।
इसके अलावा, डिजिटल रेवेन्यू कोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिससे भूमि विवादों का तेजी से निपटारा होगा। फेसलेस रेवेन्यू सेवाओं का पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया गया है, जिसे जल्द पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।
समग्र सुधारों की दिशा में कदम
डॉ. मिश्रा ने कहा कि ये सभी पहलें हरियाणा को आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सुरक्षा और प्रशासनिक दक्षता के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से की जा रही हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि इन सुधारों से नागरिकों को बेहतर सेवाएं और सुरक्षित वातावरण मिलेगा।

