गुरुग्राम में समीक्षा बैठक में राव नरबीर सिंह ने सड़क, ड्रेनेज, सफाई और पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम के समग्र विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए सख्त रुख अपनाया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने गुरुग्राम में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर शहर की मौजूदा स्थिति और विकास कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया।
यह बैठक लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में आयोजित हुई, जिसमें गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) और नगर निगम गुरुग्राम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सड़क, ड्रेनेज, सफाई, इंफ्रास्ट्रक्चर और पेयजल आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई।
जलभराव से निपटने के लिए सख्त निर्देश
मंत्री ने विशेष रूप से मानसून से पहले जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के प्रमुख नालों की समय पर सफाई और डी-सिल्टिंग सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों के अनुसार, शहर में मास्टर ड्रेनेज नेटवर्क के तहत कई प्रमुख परियोजनाएं तेजी से प्रगति पर हैं, जिससे जलभराव वाले क्षेत्रों की संख्या में कमी आई है।
सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तेजी
बैठक में बताया गया कि गुरुग्राम में सड़कों के निर्माण और मरम्मत से जुड़े करीब 447 करोड़ रुपये के कार्य चल रहे हैं, जबकि 1271 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स प्रक्रिया में हैं। इसके अलावा, 1870 करोड़ रुपये के नए प्रोजेक्ट्स योजना स्तर पर हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना आवश्यक है, विशेषकर द्वारका एक्सप्रेसवे से जुड़ी सड़कों को प्राथमिकता दी जाए।
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सफाई और कचरा प्रबंधन पर फोकस
स्वच्छता व्यवस्था को लेकर राव नरबीर सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कचरा निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने जानकारी दी कि शहर में 400 वाहनों के माध्यम से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण किया जा रहा है और प्रतिदिन लगभग 540 किलोमीटर सड़कों की सफाई मशीनों से की जा रही है। मंत्री ने निगरानी तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
पेयजल आपूर्ति को लेकर तैयारी
गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि शहर की कुल जल शोधन क्षमता 670 एमएलडी है, जिसमें से वर्तमान में 455 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में पानी की कमी न हो और इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए।
जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर
बैठक के अंत में मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर काम करना चाहिए और जनता की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरुग्राम को एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
कुल मिलाकर, यह समीक्षा बैठक दर्शाती है कि हरियाणा सरकार गुरुग्राम के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिक सुविधाओं में सुधार लाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं के प्रभाव से शहर में जीवन स्तर और शहरी प्रबंधन दोनों में सुधार देखने को मिल सकता है।

