सौरभ भारद्वाज ने पालम अग्निकांड DM रिपोर्ट में देरी पर सवाल उठाते हुए दिल्ली में फायर सेफ्टी सिस्टम को मजबूत करने की मांग की।
राजधानी में लगातार हो रही आग की घटनाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवालों के बीच सौरभ भारद्वाज ने पालम अग्निकांड की जांच रिपोर्ट में हो रही देरी को लेकर प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 18 मार्च को हुए इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें तीन मासूम बच्चे भी शामिल थे, लेकिन 45 दिन बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन (DM) की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
सौरभ भारद्वाज ने इस देरी को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताते हुए कहा कि इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मांग की कि पालम अग्निकांड की रिपोर्ट को जल्द से जल्द सार्वजनिक किया जाए, ताकि हादसे के कारणों का पता चल सके और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सके।
उन्होंने हाल ही में हुए विवेक विहार अग्निकांड का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी 9 लोगों की जान चली गई, जो यह दर्शाता है कि दिल्ली में फायर सेफ्टी व्यवस्था में गंभीर खामियां मौजूद हैं। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि सुरक्षा मानकों को लेकर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
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सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल से अपील की कि इस मामले को प्राथमिकता दी जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक सुधार किए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि जांच रिपोर्ट समय पर नहीं आती है, तो यह जनता की सुरक्षा के प्रति लापरवाही को दर्शाता है, जिसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। पालम अग्निकांड की रिपोर्ट केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने का आधार बन सकती है। इसलिए इसे जल्द सार्वजनिक करना और उसके आधार पर ठोस कार्रवाई करना आवश्यक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि महानगरों में तेजी से बढ़ती आबादी और घनी बस्तियों के कारण आग जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में फायर सेफ्टी मानकों का कड़ाई से पालन और नियमित निरीक्षण बेहद जरूरी है।
राजधानी में बढ़ती आग की घटनाओं के बीच यह मुद्दा अब केवल एक रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह नागरिक सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा सवाल बन चुका है।

