Harpal Singh Cheema समेत आप नेताओं ने मजदूर दिवस सत्र के बाद कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल पर मजदूर-विरोधी राजनीति के आरोप लगाए।
चंडीगढ़ में मजदूर दिवस के अवसर पर आयोजित पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है, जहां आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) पर तीखा हमला बोला। Harpal Singh Cheema ने विपक्षी दलों पर “घटिया मानसिकता” का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके हालिया व्यवहार ने उनके असली चेहरे को उजागर कर दिया है, जो मजदूरों और गरीब वर्गों के हितों के खिलाफ है।
उन्होंने विशेष रूप से केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कथित रूप से ₹994 की वृद्धि का मुद्दा उठाते हुए इसे मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर सीधा आर्थिक हमला बताया। उनके अनुसार, इस तरह के फैसले चुनावों के बाद लागू किए जाते हैं ताकि जनता को पहले भ्रमित किया जा सके और बाद में आर्थिक बोझ डाला जा सके।
विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस के वॉकआउट को लेकर भी आप नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। Harpal Singh Cheema ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा से बचना कांग्रेस की गरीब-विरोधी सोच को दर्शाता है। वहीं, Aman Arora ने आरोप लगाया कि भाजपा सत्र से पूरी तरह अनुपस्थित रही, जबकि कांग्रेस ने हंगामा कर लोकतांत्रिक चर्चा को बाधित किया। उन्होंने कहा कि यह रवैया दिखाता है कि विपक्ष जनता के मुद्दों पर गंभीर नहीं है और केवल राजनीतिक लाभ के लिए काम कर रहा है।
मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के खिलाफ कांग्रेस द्वारा शराब और डोप टेस्ट की मांग पर भी आप नेताओं ने इसे “राजनीतिक साजिश” करार दिया। उनका कहना था कि यह मांग केवल मुख्यमंत्री की छवि खराब करने के लिए उठाई गई है, जबकि असल मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है। इस बीच, Kuldeep Singh Dhaliwal ने भाजपा की तथाकथित “पैरेलल असेंबली” को एक राजनीतिक स्टंट बताते हुए कहा कि यह कदम उनकी विधानसभा में कमजोर स्थिति को दर्शाता है और इससे स्पष्ट है कि पार्टी के पास पर्याप्त जनसमर्थन नहीं है।
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आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर बात करते हुए Harbhajan Singh ETO ने मजदूर वर्ग की ईमानदारी का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां आम लोग अपने कर्ज चुकाने में लगे रहते हैं, वहीं बड़े आर्थिक अपराधी जैसे Vijay Mallya और Nirav Modi देश से करोड़ों रुपये लेकर भाग जाते हैं। उन्होंने इसे पुराने सिस्टम की विफलता बताया और कहा कि अब पारदर्शी शासन के जरिए इस तरह की घटनाओं को रोका जा रहा है।
इसी क्रम में Labh Singh Ugoke ने कांग्रेस पर अनुसूचित जाति के छात्रों की स्कॉलरशिप में गड़बड़ी के आरोप लगाए और कहा कि मौजूदा सरकार ने समय पर और पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित किया है। Anmol Gagan Mann ने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा जताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी विचारधारा पर आधारित संगठन है और इसके कार्यकर्ता अंत तक इसके साथ खड़े रहेंगे।
वहीं Baltej Pannu ने भाजपा की “पैरेलल लोक विधानसभा” पहल की आलोचना करते हुए इसे केवल एक दिखावटी राजनीतिक कदम बताया और कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है, वहां के हालात खुद उनकी नीतियों की पोल खोलते हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब इस समय देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में से एक है और सरकार जनहित के मुद्दों पर लगातार काम कर रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब की राजनीति में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और विपक्षी दलों के बीच टकराव और तीखा होता जा रहा है। जहां एक ओर आप सरकार खुद को मजदूरों, किसानों और आम जनता के हितों की रक्षक के रूप में पेश कर रही है, वहीं विपक्ष सरकार पर सवाल उठाकर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश में लगा है। आने वाले समय में यह राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत दे रहा है, जिससे राज्य की राजनीति में और अधिक हलचल देखने को मिल सकती है।

