अल्मोड़ा के डोल आश्रम में स्थापना महोत्सव के दौरान मां राजेश्वरी की प्राण-प्रतिष्ठा और कन्या पूजन के साथ आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित
उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्थित डोल आश्रम में ‘श्री पीठम् स्थापना महोत्सव’ के अवसर पर भव्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संत-महात्मा शामिल हुए, जिन्होंने पूरे वातावरण को भक्ति और श्रद्धा से भर दिया।
इस अवसर पर श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम ट्रस्ट द्वारा आयोजित समारोह में देवी स्वरूपा कन्याओं का पूजन किया गया, जिसे भारतीय परंपरा में विशेष महत्व दिया जाता है। इसके साथ ही मां राजेश्वरी की प्राण-प्रतिष्ठा विधिवत मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने मां आदि शक्ति भगवती से राज्य के सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और उन्नति की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान आश्रम परिसर में स्थापित श्री यंत्र के दर्शन और पूजा-अर्चना भी की गई। श्री यंत्र को शक्ति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है और इसकी उपासना से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
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डोल आश्रम, जिसे बाबा कल्याणदास जी की तपस्या और साधना का केंद्र माना जाता है, आज वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का एक प्रमुख स्थल बन चुका है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा और वातावरण लोगों को मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन प्रदान करता है।
इस आयोजन के दौरान आश्रम में चल रही विभिन्न आध्यात्मिक गतिविधियों का भी अवलोकन किया गया, जिनमें ध्यान, साधना और धार्मिक प्रवचन शामिल रहे। इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, डोल आश्रम में आयोजित यह स्थापना महोत्सव न केवल एक धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि यह आध्यात्मिक जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी बना। इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को अपने मूल्यों और परंपराओं से जोड़ते हैं।

