मजदूर दिवस पर सरकार ने श्रमिकों के लिए फीस माफी, स्किल डेवलपमेंट अभियान और नई योजनाओं का ऐलान किया
अंतरराष्ट्रीय Labour Day के अवसर पर देशभर में श्रमिकों के सम्मान और उनके कल्याण को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। इस मौके पर आयोजित ‘लेबर ऑनर समारोह’ में श्रमिकों को न केवल सम्मानित किया गया, बल्कि उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई नई योजनाओं और पहलों की भी शुरुआत की गई।
कार्यक्रम के दौरान 1000 निर्माण श्रमिकों को सुरक्षा किट वितरित की गईं, जिससे कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वहीं, श्रमिकों के बच्चों के लिए 100 शिक्षा किट भी प्रदान की गईं, ताकि उनके भविष्य को बेहतर दिशा मिल सके। इसके साथ ही एक बड़े स्तर के स्किल डेवलपमेंट अभियान का शुभारंभ किया गया, जिसके तहत हर साल लगभग 35,000 श्रमिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि देश के निर्माण में श्रमिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उन्हें सशक्त बनाना ही ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की कुंजी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सरकार ने श्रमिकों के सम्मान और अधिकारों को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है, जिससे उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके।
also read : FSSAI की बड़ी कार्रवाई: एक्सपायर्ड फूड बेचने पर ई-कॉमर्स कंपनी पर 6 लाख का जुर्माना
सरकार ने श्रमिकों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण शुल्क को पूरी तरह माफ करने की घोषणा की है। इसके अलावा ‘सामूहिक विवाह योजना’ के माध्यम से श्रमिक परिवारों को सम्मानजनक सहयोग प्रदान किया जाएगा, जिससे आर्थिक बोझ कम होगा।
सरकार की योजना के तहत आधुनिक लेबर चौक और ‘वर्कर सर्विस सेंटर’ भी स्थापित किए जाएंगे, जहां श्रमिकों को आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इन केंद्रों के माध्यम से श्रमिकों को रोजगार, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण और अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे मिलेगी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रमिक भाई-बहन उपस्थित रहे, जिन्होंने इन पहलों का स्वागत किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा भी मौजूद रहे और उन्होंने श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर की गई ये घोषणाएं श्रमिकों के सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं। इससे न केवल श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा, बल्कि देश के विकास को भी नई गति मिलेगी।

