संगरूर के कौहरिया में नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से 85 गांवों को 24 घंटे मुफ्त और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी
पंजाब में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भगवंत सिंह मान सरकार ने संगरूर जिले के कौहरिया गांव में एक अत्याधुनिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का लोकार्पण किया है। यह नया स्वास्थ्य केंद्र न केवल क्षेत्र की दशकों पुरानी जरूरत को पूरा करता है, बल्कि 85 गांवों के हजारों निवासियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। लगभग 13.23 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इस 30 बिस्तरों वाले अस्पताल में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं, सर्जिकल सुविधाएं और गंभीर बीमारियों के इलाज की व्यापक व्यवस्था की गई है।
करीब 80 वर्षों के इंतजार के बाद कौहरिया गांव को अपना पहला पूर्ण विकसित अस्पताल मिला है, जिससे स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। इस केंद्र में चार ओपीडी, एक इमरजेंसी ब्लॉक, दो लेबर ऑपरेशन थिएटर, एक माइनर ऑपरेशन थिएटर और दो बड़े ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं। इसके अलावा, आधुनिक प्रयोगशाला, एक्स-रे कक्ष, अल्ट्रासाउंड सुविधा, नर्सिंग स्टेशन और डॉक्टरों के परामर्श कक्ष भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे मरीजों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के माध्यम से गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने दिड़बा क्षेत्र को लंबे समय तक नजरअंदाज किया, जबकि वर्तमान सरकार जनता के पैसे को जनता के कल्याण पर खर्च करने के सिद्धांत पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि यह स्वास्थ्य केंद्र आसपास के लगभग 35,000 लोगों के लिए जीवन रेखा साबित होगा, जबकि करीब 4,100 लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
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इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की खास बात यह है कि यहां माताओं और बच्चों के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिनमें प्रसूति देखभाल, टीकाकरण और बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा इलाज शामिल है। इसके साथ ही, मरीजों को मुफ्त दवाइयां, एक्स-रे, ईसीजी और रक्त जांच जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत यहां कैशलेस इलाज की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को राहत मिलेगी।
सरकार ने इस केंद्र में नशा मुक्ति उपचार के लिए ओटी (ओपियोइड एगोनिस्ट थेरेपी) सेंटर भी स्थापित किया है, जो नशे की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास में मदद करेगा। इसके अलावा, दंत चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध होंगी, जिससे मरीजों को व्यापक स्वास्थ्य देखभाल एक ही छत के नीचे मिल सकेगी।
इस मौके पर हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वर्तमान सरकार ने दिड़बा क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी है और मेडिकल कॉलेज तथा अस्पताल जैसी सुविधाओं के माध्यम से इसे नई पहचान दी है। वहीं, डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए स्वास्थ्य बीमा योजनाओं पर 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
यह परियोजना केवल एक अस्पताल का निर्माण नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदलने की दिशा में एक व्यापक प्रयास का हिस्सा है। इससे न केवल इलाज की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा और उन्हें अपने क्षेत्र में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। आने वाले समय में यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और पंजाब को एक स्वस्थ राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

