मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजाब में हजारों मरीजों को मुफ्त घुटना प्रत्यारोपण से दर्द से राहत और नई गतिशीलता मिली
पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहाँ भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ हजारों लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है। यह योजना खास तौर पर उन मरीजों के लिए राहत लेकर आई है, जो लंबे समय से घुटनों के असहनीय दर्द और चलने-फिरने में असमर्थता से जूझ रहे थे। अब आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को आम लोगों तक मुफ्त और कैशलेस तरीके से पहुंचाकर सरकार न केवल इलाज सुलभ बना रही है, बल्कि लोगों की जीवन गुणवत्ता में भी सुधार ला रही है।
राज्य में इस योजना के तहत केवल तीन महीनों के भीतर करीब 4,600 से अधिक घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं, जो यह दर्शाती हैं कि पहले महंगे इलाज के कारण सर्जरी टालने वाले मरीज अब तेजी से आगे आ रहे हैं। विशेष रूप से ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित बुजुर्ग मरीजों के लिए यह योजना बेहद फायदेमंद साबित हो रही है, क्योंकि यह बीमारी धीरे-धीरे जोड़ों की कार्यक्षमता को खत्म कर देती है और मरीजों को दैनिक जीवन की सामान्य गतिविधियों से भी वंचित कर देती है।
डॉक्टरों के अनुसार, घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी में क्षतिग्रस्त जोड़ को हटाकर उसकी जगह धातु और विशेष प्लास्टिक के कृत्रिम हिस्से लगाए जाते हैं, जिससे दर्द में कमी आती है और मरीज की चलने-फिरने की क्षमता बहाल होती है। पहले इस तरह की सर्जरी का खर्च 50,000 से लेकर 1 लाख रुपये तक होता था, जो आम लोगों के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती थी। लेकिन अब इस योजना के तहत आधार कार्ड, वोटर आईडी और सेहत कार्ड के जरिए यह पूरा इलाज कैशलेस हो गया है, जिससे मरीजों को किसी भी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ता।
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राज्य के विभिन्न हिस्सों से सामने आ रही कहानियाँ इस योजना के प्रभाव को और स्पष्ट करती हैं। कई मरीज, जो वर्षों से दर्द और सीमित गतिशीलता के कारण घरों तक सीमित हो गए थे, अब सर्जरी के बाद सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं। परिवारों का कहना है कि पहले जहां इलाज की लागत सबसे बड़ी बाधा थी, वहीं अब इस योजना ने उन्हें बिना किसी झिझक के बेहतर इलाज का विकल्प दिया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल केवल चिकित्सा सुविधा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में स्वास्थ्य के प्रति सोच को भी बदल रही है। अब लोग दर्द को अपनी किस्मत मानकर सहने के बजाय समय पर इलाज करवाने के लिए आगे आ रहे हैं। अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या और सर्जरी की दर में स्पष्ट बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो इस योजना की सफलता का संकेत है।
पंजाब में यह बदलाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हजारों लोगों की जिंदगी में आए वास्तविक सुधार की कहानी है। जहाँ पहले दर्द और लाचारी हावी थी, वहीं अब आत्मनिर्भरता और गतिशीलता लौट रही है। ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ न केवल एक स्वास्थ्य योजना है, बल्कि यह उन लोगों के लिए नई शुरुआत है, जिन्होंने लंबे समय तक दर्द के साथ जीवन बिताया और अब बिना दर्द के चलने की आज़ादी का अनुभव कर रहे हैं।

