पंजाब में युवराज सिंह फाउंडेशन की पहल से iBreastExam तकनीक के जरिए 14,000+ महिलाओं की कैंसर स्क्रीनिंग, जागरूकता अभियान को मिली मजबूती।
पंजाब में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम पहल सामने आई है, जिसमें Yuvraj Singh Foundation की भूमिका सराहनीय रही है। राज्य में आधुनिक तकनीक और जनसहभागिता के माध्यम से कैंसर की समय रहते पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।
इस अभियान के तहत ‘iBreastExam (iBE)’ जैसी उन्नत तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जो बिना दर्द और बिना जटिल प्रक्रियाओं के महिलाओं में स्तन कैंसर की प्रारंभिक जांच को आसान बनाती है। यह तकनीक विशेष रूप से उन क्षेत्रों में बेहद प्रभावी साबित हो रही है, जहां पारंपरिक स्क्रीनिंग सुविधाएं सीमित हैं या जागरूकता की कमी है।
पंजाब के मोगा जिले में इस पहल का उल्लेखनीय प्रभाव देखने को मिला है। अब तक यहां 14,000 से अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जो इस अभियान की सफलता और व्यापक पहुंच को दर्शाता है। इसके साथ ही, जागरूकता अभियानों के जरिए महिलाओं और आम नागरिकों को कैंसर के शुरुआती लक्षणों, जांच की आवश्यकता और समय पर उपचार के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि कैंसर के मामलों में समय पर पहचान ही सबसे बड़ा हथियार है, क्योंकि शुरुआती अवस्था में बीमारी का इलाज संभव और अधिक प्रभावी होता है। ऐसे में ‘iBreastExam’ जैसी तकनीक और जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयास इस दिशा में गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।
पंजाब सरकार ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा है कि राज्य का लक्ष्य हर नागरिक के लिए कैंसर की शुरुआती पहचान को सुलभ बनाना है। सरकार और Yuvraj Singh Foundation के बीच यह साझेदारी स्वास्थ्य क्षेत्र में एक सकारात्मक उदाहरण बनकर उभरी है, जो पब्लिक-प्राइवेट सहयोग के जरिए बड़े बदलाव की क्षमता को दर्शाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ऐसी पहलें न केवल इलाज की दिशा में मदद करती हैं, बल्कि सामाजिक झिझक और डर को भी कम करती हैं, जिससे लोग खुलकर जांच और उपचार के लिए आगे आते हैं।
कुल मिलाकर, पंजाब में चल रहा यह कैंसर विरोधी अभियान न केवल हजारों महिलाओं के जीवन को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह देशभर में स्वास्थ्य जागरूकता और तकनीकी नवाचार के बेहतर समन्वय का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी बनता जा रहा है।

