हरियाणा विधानसभा में लिपिकीय सेवा विधेयक 2026 पारित, ग्रुप-डी कर्मचारियों का प्रमोशन कोटा 20% से बढ़ाकर 30% किया गया।
हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया गया है, जिसके तहत ‘हरियाणा लिपिकीय सेवा (भर्ती और सेवा की शर्तें) विधेयक, 2026’ को पारित कर दिया गया। इस विधेयक को Nayab Singh Saini द्वारा सदन में प्रस्तुत किया गया, जिसे ध्वनि मत से मंजूरी मिल गई। सरकार का कहना है कि यह कदम राज्य के हजारों कर्मचारियों के करियर में नई संभावनाएं खोलने वाला साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने सदन में बोलते हुए कहा कि इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य चतुर्थ श्रेणी (ग्रुप-डी) कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और तेज बनाना है। उन्होंने बताया कि पहले कर्मचारियों को पदोन्नति के लिए 10 से 15 वर्षों तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत यह प्रक्रिया काफी हद तक आसान और समयबद्ध हो जाएगी।
इस विधेयक के जरिए लिपिक पदों पर पदोन्नति का कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे अधिक संख्या में कर्मचारियों को प्रमोशन का लाभ मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2018 में लागू की गई कॉमन कैडर व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पहले पदोन्नति के अवसर केवल संबंधित विभागों तक सीमित रहते थे, जिसके कारण कई योग्य कर्मचारी लंबे समय तक पदोन्नति से वंचित रह जाते थे। कॉमन कैडर व्यवस्था लागू होने के बाद अब कर्मचारियों को विभिन्न विभागों में समान अवसर मिलने लगे हैं, जिससे उनके करियर में प्रगति की संभावनाएं बढ़ी हैं।
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सरकार का मानना है कि इस नए विधेयक के लागू होने से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी और सुचारू होगी। अधिक कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति मिलने से सरकारी विभागों में कार्यकुशलता में भी सुधार देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह विधेयक कर्मचारी हितों की रक्षा करते हुए राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगा।
हालांकि, इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष की अनुपस्थिति पर भी मुख्यमंत्री ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष सदन में मौजूद रहता, तो कर्मचारियों के हित में व्यापक सहमति बन सकती थी, लेकिन इसके बावजूद सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कुल मिलाकर, हरियाणा लिपिकीय सेवा विधेयक 2026 का पारित होना राज्य के कर्मचारियों के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिससे उन्हें पदोन्नति के बेहतर अवसर मिलेंगे और सरकारी तंत्र अधिक गतिशील एवं पारदर्शी बन सकेगा।
