श्रीनगर में राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दौरान हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम ने स्वच्छ खेल और ओलंपिक-2036 में 70 पदकों के लक्ष्य पर जोर दिया।
हरियाणा के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गौरव गौतम ने श्रीनगर में आयोजित राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर में राज्य का प्रभावशाली प्रतिनिधित्व करते हुए खेल क्षेत्र में स्वच्छता, पारदर्शिता और दीर्घकालिक योजनाओं पर विशेष जोर दिया। केंद्रीय खेल मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय शिविर की अध्यक्षता मनसुख मांडवीय और राज्य मंत्री रक्षा खड़से ने की, जिसमें देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खेल मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
शिविर के दौरान ‘Clean and Safe Sports’ विषय पर अपने विचार साझा करते हुए गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा, जिसकी आबादी देश की कुल जनसंख्या का एक छोटा हिस्सा है, फिर भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर आधे से अधिक पदक जीतने में सफल रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और राज्य सरकार की दूरदर्शी खेल नीतियों को दिया। उन्होंने हरियाणा की पहचान को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य के खिलाड़ी हमेशा नशामुक्त और स्वस्थ जीवनशैली का उदाहरण पेश करते हैं।
गौरव गौतम ने सभी राज्यों से अपील की कि खिलाड़ियों को कम उम्र से ही डोपिंग के खतरों के प्रति जागरूक किया जाए और प्रतिबंधित पदार्थों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छ खेल संस्कृति ही देश को वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूत बना सकती है।
also read : लुधियाना में ‘Healthcare Pioneers Punjab’ कार्यक्रम में डॉक्टरों का सम्मान, स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की पहलों पर जोर
इस दौरान उन्होंने हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “मिशन ओलंपिक-2036: विजयीभव” का भी विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। इस योजना के तहत अगले दस वर्षों में एक हजार से अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों में हरियाणा अकेले 36 पदक जीतकर देश को गौरवान्वित करेगा। साथ ही उन्होंने सभी राज्यों से आह्वान किया कि वे मिलकर भारत के ओलंपिक पदकों की संख्या को टोक्यो ओलंपिक के 7 पदकों से बढ़ाकर 2036 तक कम से कम 70 तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित करें।
शिविर के अंतिम दिन हरियाणा सरकार द्वारा तैयार एक विशेष शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें राज्य की खेल नर्सरियों, खिलाड़ी बीमा योजना, कैश अवॉर्ड पॉलिसी और नौकरी कोटा जैसी योजनाओं को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया। इस फिल्म ने उपस्थित सभी मंत्रियों और अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडवीय ने हरियाणा की खेल नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि अन्य राज्यों को भी इस मॉडल को अपनाने की दिशा में काम करना चाहिए।
इसके अलावा, शिविर में नई खेल नीति-2025 और स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट के तहत भविष्य की रणनीतियों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। सभी राज्यों ने सहमति जताई कि खिलाड़ियों के विकास और खेल संरचना को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य मिलकर ठोस कदम उठाएंगे। यह शिविर देश में खेल संस्कृति को नई दिशा देने और भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

