हरियाणा में आगामी चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग की तैयारी पूरी, देवेंद्र सिंह कल्याण ने राजनीतिक दलों से शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने की अपील की।
हरियाणा में आगामी चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में राज्य निर्वाचन आयुक्त Devender Singh Kalyan की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी पक्षों ने मिलकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक के दौरान निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा चुनावों की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लिया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि राजनीतिक दलों के सहयोग से चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाएगा। इस दौरान आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और नियमों की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई, ताकि सभी दल चुनाव आचार संहिता का पालन सुनिश्चित कर सकें।
आयुक्त ने बताया कि 13 अप्रैल 2026 से राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है, जो चुनाव समाप्ति तक प्रभावी रहेगी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे जाति, धर्म या किसी भी प्रकार के भेदभाव के आधार पर वोट मांगने से बचें और भ्रामक प्रचार या विरोधी दलों की सामग्री को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों से दूर रहें।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किसी भी प्रकार के प्रलोभन, डराने-धमकाने या मतदान केंद्रों के आसपास प्रचार करना सख्त रूप से प्रतिबंधित है। मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार गतिविधियों को रोकने और मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का प्रचार न करने के नियमों का पालन करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
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बैठक में रैलियों और जुलूसों के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पर भी चर्चा हुई। सभी दलों से आग्रह किया गया कि वे भड़काऊ भाषण, पुतला दहन या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों से बचें और सकारात्मक माहौल बनाए रखें।
इस अवसर पर Haryana Prevention of Defacement of Property Act, 1989 का भी उल्लेख किया गया, जिसके तहत सार्वजनिक संपत्ति पर पोस्टर या बैनर लगाकर नुकसान पहुंचाने पर कार्रवाई का प्रावधान है। आयोग ने सभी दलों से इस कानून का पालन करने की अपील की।
इसके अलावा, उम्मीदवारों द्वारा आपराधिक मामलों की जानकारी सार्वजनिक करने की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला गया। आयोग ने स्पष्ट किया कि उम्मीदवारों को अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के जरिए जनता के सामने रखनी होगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
चुनावी खर्च को लेकर भी आयोग सख्त नजर आ रहा है। उम्मीदवारों के लिए निर्धारित व्यय सीमा का पालन अनिवार्य होगा और सभी खर्चों का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत करना होगा। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सोशल मीडिया और ‘पेड न्यूज’ के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए आयोग ने इस पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सभी दलों से जिम्मेदारी के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने और भ्रामक जानकारी फैलाने से बचने को कहा गया है।
अंत में राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की कि वे सहयोग, पारदर्शिता और सकारात्मक सहभागिता के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाएं और हरियाणा में शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करें।

