पंजाब में शिक्षा सुधार और गेहूं खरीद व्यवस्था की समीक्षा, मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने स्कूलों और मंडी का दौरा कर दिए अहम निर्देश।
पंजाब सरकार शिक्षा और कृषि दोनों क्षेत्रों में सुधार को लेकर लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी क्रम में Lal Chand Kataruchakk ने पठानकोट और गुरदासपुर में विभिन्न सरकारी संस्थानों और अनाज मंडी का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा सुधार के साथ-साथ गेहूं खरीद प्रक्रिया की भी समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
मंत्री ने सबसे पहले पठानकोट जिले के चार सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का आकलन किया। इन स्कूलों में आधुनिक क्लासरूम, कंप्यूटर लैब और इंटरैक्टिव पैनल जैसी सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षकों और छात्रों से भी बातचीत की और नई सुविधाओं के उपयोग के बारे में जानकारी ली। सरकार का दावा है कि इन प्रयासों से सरकारी स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है और अधिक से अधिक छात्र इन संस्थानों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
इसके बाद मंत्री ने गुरदासपुर अनाज मंडी पहुंचकर गेहूं की खरीद प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने मंडी में फसलों की आवक, खरीद व्यवस्था और भंडारण सुविधाओं के बारे में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें समय पर भुगतान मिल सके।
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में पंजाब की मंडियों में अब तक लगभग 61 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जिसमें से करीब 57 लाख मीट्रिक टन की खरीद पूरी की जा चुकी है। किसानों को अब तक लगभग 7,109 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जो सरकार की तेज और पारदर्शी खरीद प्रक्रिया को दर्शाता है।
मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और कृषि दोनों क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना था कि जहां एक ओर स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं देकर छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान की जा रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए मंडियों में पारदर्शी और सुचारु खरीद व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि राज्य के विकास को गति मिल सके और आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।
कुल मिलाकर, यह दौरा पंजाब सरकार के उस प्रयास को दर्शाता है, जिसमें शिक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार कर राज्य को विकास की नई दिशा देने का लक्ष्य रखा गया है।

