सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट के बावजूद निवेशकों ने ₹60,000 करोड़ से ज्यादा कमाए, जानिए बाजार में ऐसा कैसे हुआ।
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों के लिए दिन फायदे वाला साबित हुआ। BSE Sensex और Nifty 50 दोनों ही प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए, फिर भी कुल मार्केट कैप में इजाफा होने से निवेशकों को करीब ₹60,000 करोड़ से ज्यादा का फायदा हुआ।
आंकड़ों के अनुसार, सेंसेक्स 757 अंकों की गिरावट के साथ 78,516.49 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 831 अंकों तक टूटकर 78,442.30 तक पहुंच गया था। वहीं Nifty 50 भी 198.50 अंकों की गिरावट के साथ 24,378.10 पर बंद हुआ। इस गिरावट के बावजूद बाजार में कुछ बड़े शेयरों में मजबूती देखने को मिली, जिसने निवेशकों को नुकसान से बचाया।
दरअसल, Hindustan Unilever, NTPC और Reliance Industries जैसे दिग्गज शेयरों में आई तेजी ने बाजार को सहारा दिया। आमतौर पर जब बाजार करीब 1 फीसदी गिरता है तो निवेशकों को भारी नुकसान होता है, लेकिन इस बार ब्रॉडर मार्केट में आई मजबूती ने तस्वीर बदल दी।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने इस गिरावट के बीच शानदार प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.19 फीसदी और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.13 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार में कुल 2,340 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 1,745 शेयरों में गिरावट आई। इससे यह साफ होता है कि गिरावट के बावजूद निवेशकों की दिलचस्पी छोटे और मझोले शेयरों में बनी रही।
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मार्केट कैप के आंकड़ों पर नजर डालें तो मंगलवार को Bombay Stock Exchange का कुल मार्केट कैप ₹4,68,67,234.72 करोड़ था, जो बुधवार को बढ़कर ₹4,69,27,622.40 करोड़ हो गया। यानी एक दिन में ₹60,387.68 करोड़ का इजाफा हुआ। यही कारण है कि सूचकांकों में गिरावट के बावजूद निवेशकों की कुल संपत्ति बढ़ गई।
हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) भी बढ़ा और India VIX 3.8 फीसदी चढ़कर 18.19 पर पहुंच गया, जो निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत देता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की यह स्थिति दिखाती है कि केवल प्रमुख सूचकांकों की चाल ही पूरी तस्वीर नहीं बताती। ब्रॉडर मार्केट और सेक्टरल प्रदर्शन भी निवेशकों की कमाई में अहम भूमिका निभाते हैं।
कुल मिलाकर, यह दिन शेयर बाजार के लिए भले ही गिरावट भरा रहा हो, लेकिन निवेशकों के लिए यह फायदे का सौदा साबित हुआ। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी।

