देहरादून-मसूरी मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुल के निर्माण का निरीक्षण, अधिकारियों को गुणवत्ता और समयसीमा के साथ काम पूरा करने के निर्देश।
उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से देहरादून–मसूरी मार्ग का उच्च स्तरीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए पुल के पुनर्निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। यह मार्ग राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ता है, इसलिए इसकी मजबूती और सुचारू संचालन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके साथ ही प्रशासन को ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि निर्माण कार्य के दौरान आम लोगों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। खासकर पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए यातायात प्रबंधन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
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अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि राज्य में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। इसमें सड़क सुरक्षा, साफ-सफाई, मार्ग संकेतक और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
कानून-व्यवस्था को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए। प्रशासन को स्पष्ट रूप से कहा गया कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और लोगों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि देहरादून-मसूरी मार्ग राज्य के पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहद अहम है। ऐसे में इस मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करना और सुविधाओं को बेहतर बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। आने वाले समय में इन प्रयासों से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि उत्तराखंड में पर्यटन को भी नया बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

