हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज के प्रयासों से स्वामित्व योजना के तहत अंबाला छावनी में तह-बाजारी दुकानदारों को दुकानों का मालिकाना हक मिला।
हरियाणा सरकार की स्वामित्व योजना के तहत अंबाला छावनी में वर्षों से किराए पर दुकानें चला रहे तह-बाजारी दुकानदारों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज के विशेष प्रयासों के चलते दर्जनों दुकानदारों को उनकी दुकानों का मालिकाना हक मिल गया है और उनकी रजिस्ट्रियां भी पूरी कर दी गई हैं। इस ऐतिहासिक कदम के बाद दुकानदारों में खुशी का माहौल है और उन्होंने मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
मंत्री अनिल विज के अंबाला स्थित आवास पर राय मार्केट और अन्य बाजारों से पहुंचे कई दुकानदारों ने उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा कि दशकों से वे नगर परिषद के किराएदार के रूप में अपने व्यवसाय को चला रहे थे, लेकिन अब स्वामित्व योजना के तहत उन्हें अपनी दुकानों का अधिकार मिल गया है। दुकानदारों ने बताया कि पहले वे पुरानी और जर्जर दुकानों में काम करने को मजबूर थे, लेकिन अब मालिकाना हक मिलने के बाद वे अपनी दुकानों का नए सिरे से निर्माण कर सकेंगे और अपने कारोबार को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा पाएंगे।
दुकानदारों का कहना है कि यह कदम उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विनोद कुमार, अरुण साहू, सोनू दुआ, सुखविंद्र दुआ, वेदप्रकाश, सन्नी, मोंटी साहू, अभिषेक, सुभाष शर्मा और बिट्टू सचदेवा समेत अन्य व्यापारियों ने कहा कि मंत्री अनिल विज के प्रयासों से ही अंबाला छावनी को इस योजना में शामिल किया गया, जिसके परिणामस्वरूप आज हजारों दुकानदार अपनी दुकानों के मालिक बन सके हैं।
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गौरतलब है कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत नगर परिषद के 20 वर्ष से अधिक समय से किराएदार रहे दुकानदारों को मालिकाना हक प्रदान किया गया है। इससे न केवल उन्हें कानूनी सुरक्षा मिली है, बल्कि भविष्य में अपने व्यवसाय का विस्तार करने और वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने में भी सुविधा होगी। यह योजना छोटे व्यापारियों को आत्मनिर्भर बनाने और शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं न केवल स्थानीय व्यापारियों को सशक्त बनाती हैं, बल्कि शहरी विकास को भी गति देती हैं। हरियाणा सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है, जहां लंबे समय से किराए पर काम कर रहे छोटे व्यापारियों को स्थायी अधिकार देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
कुल मिलाकर, अंबाला छावनी के तह-बाजारी दुकानदारों के लिए यह पहल एक नए युग की शुरुआत साबित हो रही है, जिसमें वे न केवल अपने व्यवसाय को मजबूती देंगे, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षा के साथ आगे बढ़ सकेंगे।

