कोलकाता के ISKCON हाउस में प्रवासी राजस्थानियों से संवाद, बंगाल चुनाव और विकास पर BJP को समर्थन का आह्वान।
पश्चिम बंगाल की सियासत में चुनावी हलचल के बीच कोलकाता में एक अहम सामाजिक और राजनीतिक संवाद देखने को मिला। Kolkata स्थित ISKCON House में प्रवासी राजस्थानी समुदाय के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें उनके योगदान, संस्कृति और राजनीतिक सहभागिता पर चर्चा की गई।
इस संवाद के दौरान वक्ताओं ने प्रवासी राजस्थानियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जन्मभूमि से दूर रहते हुए भी अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को जीवंत बनाए रखा है। यह न केवल उनकी पहचान को मजबूत करता है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा भी फैलाता है।
बैठक में यह भी कहा गया कि प्रवासी समुदाय बंगाल के विकास और पुनर्निर्माण में अहम भूमिका निभा सकता है। उनके अनुभव, व्यापारिक कौशल और सामाजिक भागीदारी राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे को मजबूत करने में सहायक हो सकते हैं।
also read : Char Dham Yatra 2026 का शुभारंभ: ऋषिकेश से बसों को हरी झंडी, तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य और सुविधाओं पर खास ध्यान
इस मौके पर आगामी चुनावों को लेकर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने प्रवासी राजस्थानियों से अपील की कि वे राज्य में स्थिर और विकासोन्मुख सरकार के गठन के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह समुदाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेते हुए अपने मताधिकार का उपयोग करेगा और राज्य के भविष्य को दिशा देने में योगदान देगा।
राजनीतिक रूप से यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल तेजी से गरम हो रहा है। विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर समाज के अलग-अलग वर्गों से संपर्क साध रहे हैं और समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवासी समुदाय, खासकर व्यापारिक पृष्ठभूमि वाले लोग, चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में कोलकाता में आयोजित यह संवाद आने वाले समय में राजनीतिक दृष्टि से अहम साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर, ISKCON हाउस में हुई यह बैठक केवल सांस्कृतिक संवाद तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें सामाजिक एकजुटता, विकास और राजनीतिक भागीदारी का स्पष्ट संदेश भी देखने को मिला। आने वाले चुनावों में इसका प्रभाव किस रूप में सामने आता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

