हरियाणा में ‘कक्षा तत्परता कार्यक्रम’ की सामग्री का विमोचन, 8 लाख छात्रों को मिलेगा फायदा और 31 हजार शिक्षक करेंगे लागू।
हरियाणा में स्कूली शिक्षा को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने ‘कक्षा तत्परता कार्यक्रम’ की शुरुआत करते हुए इसकी शैक्षणिक सामग्री का आधिकारिक विमोचन कर दिया है। इस पहल के जरिए राज्य के लाखों विद्यार्थियों को नई कक्षा के लिए तैयार करने और उनकी बुनियादी सीखने की क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
विद्यालय शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव Vijay Singh Dahiya की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान इस कार्यक्रम की सामग्री जारी की गई। इस बैठक में राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक और खंड शिक्षा अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
‘कक्षा तत्परता कार्यक्रम’ के तहत शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक संसाधन तैयार किए गए हैं। इनमें विषयवार समय-सारणी, विद्यार्थियों के लिए गतिविधि पुस्तिका (एक्टिविटी बुक) और 45 दिनों की प्रगति को ट्रैक करने के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग टूल शामिल है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से अप्रैल और मई माह में संचालित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को नई कक्षा में प्रवेश से पहले उनकी शैक्षणिक तैयारी मजबूत की जा सके।
सरकार के अनुसार इस कार्यक्रम का सीधा लाभ राज्य के 8 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा, जबकि लगभग 31,000 शिक्षक इसे जमीनी स्तर पर लागू करेंगे। यह पहल विशेष रूप से उन बच्चों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिनकी सीखने की गति में किसी कारणवश कमी आई है।
प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने अपने संबोधन में कहा कि National Education Policy 2020 के तहत फाउंडेशनल लिटरेसी और न्यूमरेसी (FLN) को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी दिशा में NIPUN Bharat Mission एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य प्रारंभिक कक्षाओं के बच्चों को उनकी कक्षा के अनुरूप दक्षता प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini के नेतृत्व में हरियाणा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। वहीं, शिक्षा मंत्री Mahipal Dhanda के मार्गदर्शन में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
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शिक्षा विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा ‘निपुण’ मूल्यांकन में देशभर में तीसरे स्थान पर है, जो राज्य की बेहतर शैक्षिक स्थिति को दर्शाता है। इसी को और मजबूत करने के लिए 45 दिवसीय ‘कक्षा तत्परता कार्यक्रम’ को एक अहम कदम माना जा रहा है।
बैठक के दौरान ‘प्रवेश उत्सव’ के अंतर्गत चलाए जा रहे नामांकन अभियान की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि राज्य में ‘जीरो ड्रॉपआउट’ सुनिश्चित किया जाए और कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे।
इस अवसर पर मौलिक शिक्षा निदेशक मनीता मलिक और राज्य परियोजना निदेशक वर्षा खांगवाल ने भी अपने विचार साझा किए और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी शिक्षकों से समर्पित भाव से कार्य करने की अपील की।
कुल मिलाकर, ‘कक्षा तत्परता कार्यक्रम’ हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे न केवल विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में सुधार होगा, बल्कि राज्य की शिक्षा प्रणाली को भी नई मजबूती मिलेगी।

