बरवाला अनाज मंडी के दौरे के दौरान मंत्रियों ने खरीद व उठान व्यवस्था का जायजा लिया और किसानों की शिकायत पर हैफेड कर्मी को सस्पेंड करने के निर्देश दिए।
हरियाणा में रबी सीजन के दौरान फसल खरीद और उठान व्यवस्था को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। इसी कड़ी में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा और लोक निर्माण व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने रविवार को बरवाला अनाज मंडी का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने न केवल खरीद प्रक्रिया की समीक्षा की, बल्कि मौके पर मौजूद किसानों और व्यापारियों की समस्याएं भी गंभीरता से सुनीं।
निरीक्षण के दौरान किसानों और आढ़तियों ने एक हैफेड कर्मी पर परेशान करने के आरोप लगाए, जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने संबंधित कर्मचारी को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत दिया गया कि सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंत्रियों ने मंडी में गेहूं की आवक और उठान की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि फसल का उठान तेजी से सुनिश्चित किया जाए, ताकि मंडी में अनाज का ढेर न लगे और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इस मौके पर किसानों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। मंत्रियों ने बताया कि किसान अपनी फसल बेचने के लिए तीन व्यक्तियों के नाम पंजीकृत कर सकते हैं, जिनमें से कोई भी व्यक्ति मंडी में आकर फसल बेच सकता है। इसके अलावा, अंगूठे के निशान के साथ-साथ ओटीपी और अन्य विकल्प भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की तकनीकी दिक्कत न हो।
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श्याम सिंह राणा ने कहा कि इस बार मौसम अनुकूल रहने के कारण गेहूं की पैदावार में बढ़ोतरी हुई है, जिससे किसानों को अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने अधिकारियों को मंडी व्यवस्थाओं में और सुधार लाने के निर्देश दिए, ताकि किसानों और व्यापारियों दोनों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भावांतर भरपाई योजना, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल, उत्तम पोर्टल, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान सम्मान निधि योजना जैसी पहलें किसानों को आर्थिक सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था प्रदान कर रही हैं। ई-खरीद प्रणाली के माध्यम से फसल खरीद प्रक्रिया को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाया गया है।
मंत्रियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार स्थानीय किसानों की फसल को प्राथमिकता के आधार पर खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है और मंडियों में नई व्यवस्थाएं किसानों के हित में लागू की जा रही हैं। इस दौरे ने यह संदेश दिया कि सरकार जमीनी स्तर पर किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

