हरियाणा में अगले महीने स्वचालित राजस्व प्रणाली लागू होगी, 1900 डिजिटल पटवारी तैनात होंगे, जिससे जमीन से जुड़े काम होंगे तेज और पारदर्शी।
हरियाणा में प्रशासनिक सुधार और डिजिटल गवर्नेंस को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार अगले महीने एक स्वचालित राजस्व प्रशासन प्रणाली लॉन्च करने जा रही है, जिससे भूमि से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता, तेजी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत राजस्व विभाग को पूरी तरह कागजरहित और नागरिक-केंद्रित बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में वित्त आयुक्त (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) डॉ. सुमिता मिश्रा ने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया।
🧑💼 1900 तकनीकी पटवारियों की होगी तैनाती
नई प्रणाली के सफल क्रियान्वयन के लिए करीब 1,900 नव-प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष पटवारियों की जल्द नियुक्ति की जाएगी। ये अधिकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भूमि रिकॉर्ड, इंतकाल (म्यूटेशन), सीमांकन और अन्य कार्यों को संभालेंगे।
इनकी तैनाती से न केवल कार्यभार कम होगा, बल्कि प्रक्रियाओं की गति भी बढ़ेगी और आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
📊 डिजिटल तकनीक से बदलेगी भूमि व्यवस्था
नई राजस्व प्रणाली के तहत भूमि रिकॉर्ड को आधार से लिंक किया जाएगा, लाल डोरा नक्शों को अपडेट किया जाएगा और रोवर तकनीक से जमीन का सटीक सीमांकन किया जाएगा।
इसके अलावा, एग्रीस्टैक के माध्यम से किसानों के डेटा का डिजिटलीकरण और सत्यापन किया जाएगा, जिससे कृषि और भूमि प्रबंधन दोनों में सुधार आएगा।
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⚡ लंबित मामलों के निपटारे पर सख्ती
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पांच दिन से अधिक लंबित मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलों को प्राथमिकता के आधार पर लंबित इंतकाल और अन्य मामलों को जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑटो-म्यूटेशन प्रणाली लागू करने के लिए लंबित मामलों को लगभग शून्य तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।
🖥️ पेपरलेस रजिस्ट्रेशन और डिजिटल प्रगति
राज्य में पेपरलेस रजिस्ट्रेशन प्रणाली के तहत 3.23 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से करीब 84 प्रतिशत मामलों को स्वीकृति मिल चुकी है।
इसके साथ ही, लगभग 85 प्रतिशत गांवों के जियो-रेफरेंस्ड नक्शे अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे डेटा की सटीकता और पारदर्शिता बढ़ी है।
🌾 कृषि डिजिटलीकरण में तेजी
एग्रीस्टैक योजना के तहत किसान रजिस्ट्रेशन तेजी से हो रहा है और डिजिटल फसल सर्वेक्षण 54 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। वहीं, जमाबंदी अपडेट का कार्य 86 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
🚑 युवा आपदा मित्र योजना पर भी जोर
समीक्षा बैठक में ‘युवा आपदा मित्र योजना’ की प्रगति पर भी चर्चा की गई। इस योजना के तहत 5000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उन्हें इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट व बीमा सुविधा प्रदान की जा रही है।
📈 नागरिकों को मिलेगा बड़ा फायदा
नई स्वचालित राजस्व प्रणाली के लागू होने के बाद नागरिक घर बैठे ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे, भूमि रिकॉर्ड देख सकेंगे और समयबद्ध तरीके से स्वीकृति प्राप्त कर सकेंगे। इससे सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम होंगे और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।
कुल मिलाकर, हरियाणा की यह पहल डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है, जो न केवल प्रशासन को आधुनिक बनाएगी बल्कि आम नागरिकों के जीवन को भी सरल और सुगम बनाएगी।

