पंजाब में ₹60,000 करोड़ निवेश के साथ औद्योगिक विकास को गति, भगवंत मान सरकार ने अगले वर्ष ₹75,000 करोड़ का लक्ष्य तय किया।
पंजाब अब केवल कृषि प्रधान राज्य ही नहीं, बल्कि तेजी से उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ₹60,000 करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड निवेश हासिल कर एक नई उपलब्धि दर्ज की है। यह उपलब्धि न केवल राज्य की आर्थिक मजबूती को दर्शाती है, बल्कि निवेशकों के बढ़ते विश्वास का भी प्रमाण है।
राज्य सरकार ने इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹75,000 करोड़ निवेश का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार का उद्देश्य पंजाब को देश के शीर्ष निवेश गंतव्यों में शामिल करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार बनी रही, तो पंजाब आने वाले वर्षों में औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।
इस निवेश वृद्धि के पीछे सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया है। अब निवेशकों को लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ता, बल्कि ‘हसल-फ्री’ अप्रूवल सिस्टम के जरिए समयबद्ध मंजूरी मिल रही है।
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इसके साथ ही पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार 20 अलग-अलग विकल्पों में से अपना सब्सिडी पैकेज स्वयं चुन सकते हैं। इस नवाचार ने निवेशकों को अधिक लचीलापन और सुविधा प्रदान की है, जिससे उद्योग स्थापित करना पहले की तुलना में आसान हो गया है।
पर्यावरण संरक्षण और कृषि से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पराली प्रबंधन को भी औद्योगिक नीति से जोड़ा है। अब जो उद्योग धान की पराली आधारित बॉयलर लगाएंगे, उन्हें ₹7.5 करोड़ तक की सब्सिडी दी जाएगी। इससे जहां प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी, वहीं किसानों को पराली बेचकर अतिरिक्त आय का अवसर भी मिलेगा।

रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी इस निवेश का बड़ा प्रभाव देखने को मिल रहा है। नई ‘औद्योगिक और व्यापार विकास नीति 2026’ के तहत सब्सिडी पात्रता की सीमा को घटाकर ₹25 करोड़ निवेश और 50 कर्मचारियों तक किया गया है, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को भी बढ़ावा मिल रहा है। इससे राज्य में हजारों युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह निवेश केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंजाब के समग्र विकास, औद्योगिक विस्तार और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
कुल मिलाकर, भगवंत मान सरकार की नीतियां पंजाब को एक नए औद्योगिक युग की ओर ले जा रही हैं, जहां विकास, निवेश और रोजगार के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।

