पंजाब के फिद्दे कलां में ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत 178 परिवारों को घर का कानूनी स्वामित्व प्रमाण पत्र मिला।
पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिल रही है। इसी क्रम में फिद्दे कलां गांव में 178 परिवारों को उनके घरों का कानूनी स्वामित्व प्रदान किया गया। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने स्वयं उपस्थित होकर लाभार्थियों को स्वामित्व प्रमाण पत्र वितरित किए और उन्हें इस ऐतिहासिक पहल की बधाई दी।
ये सभी परिवार लंबे समय से अपने घरों में रह रहे थे, लेकिन उनके पास किसी भी प्रकार के आधिकारिक दस्तावेज़ नहीं थे, जिससे उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बैंक से ऋण लेना, घर की मरम्मत करवाना या सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना उनके लिए मुश्किल था। अब ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के माध्यम से उन्हें कानूनी अधिकार मिलने से उनकी यह समस्या दूर हो गई है।
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स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों को कानूनी मान्यता देना है, जिन्हें ‘लाल लकीर’ क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। ये इलाके वर्षों से सरकारी रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं थे, जिसके कारण वहां रहने वाले लोगों को अपने ही घरों पर अधिकार नहीं मिल पाता था। इस योजना के जरिए सरकार ने इन क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां के निवासियों को मालिकाना हक देने का कार्य शुरू किया है।
उन्होंने बताया कि स्वामित्व प्रमाण पत्र वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निशुल्क रखी गई है, ताकि कोई भी पात्र परिवार इससे वंचित न रहे। इस पहल से न केवल लोगों को अपने घरों पर कानूनी अधिकार मिला है, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायित्व और विकास को नई दिशा देती हैं। कानूनी स्वामित्व मिलने से लोग अपने घरों में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलता है।
सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इस योजना का विस्तार अन्य क्षेत्रों में भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। कुल मिलाकर, ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना पंजाब में सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

