हरियाणा में भवन नक्शा पास प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, 2276 सड़कों की मरम्मत और वेस्ट वाटर रियूज सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश।
हरियाणा सरकार ने शहरी विकास और नागरिक सेवाओं को और अधिक पारदर्शी व तेज बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नगर निकाय विभाग को निर्देश दिए हैं कि घरेलू और वाणिज्यिक भवनों के नक्शे पास करने की पूरी प्रक्रिया को जल्द से जल्द ऑनलाइन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस डिजिटल व्यवस्था से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि नागरिकों को समय पर और आसान सेवा भी मिल सकेगी। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
🏗️ ऑनलाइन होगा भवन नक्शा पास
सरकार की इस पहल से भवन निर्माण से जुड़े लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पारदर्शी तरीके से पूरी की जा सकेगी।
नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को समयसीमा तय कर जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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🚰 वेस्ट वाटर रियूज सिस्टम पर विशेष फोकस
बैठक में मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में वेस्ट वाटर के पुनः उपयोग (Reuse) को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से निकलने वाले पानी का अधिकतम उपयोग किया जाए और इसे पार्कों, उद्योगों और कृषि कार्यों में इस्तेमाल करने के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाए।
इसके तहत लंबी अवधि तक चलने वाली पाइपलाइन बिछाने और ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों में ट्रीटेड पानी के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
📊 सीवरेज सिस्टम का होगा पुनर्मूल्यांकन
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में मौजूदा सीवरेज व्यवस्था का विस्तृत डेटा तैयार किया जाए।
उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में जनसंख्या तेजी से बढ़ी है, ऐसे में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई योजना तैयार करना जरूरी है।
⚡ विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं
नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट कहा कि “विकसित भारत” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी होनी चाहिए।
उन्होंने ठेकेदारों को भी निर्देश देने की बात कही कि निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा किया जाए और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन लगाए जाएं।
🛣️ 2276 सड़कों की मरम्मत का प्लान
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने राज्यभर में 2276 सड़कों की पहचान की है, जिन पर निर्माण और मरम्मत कार्य किया जाएगा।
- 1144 सड़कों का निर्माण ₹510.34 करोड़ की लागत से किया जाएगा
- 1083 सड़कों का पुनर्निर्माण 591.51 किमी लंबाई में ₹594.91 करोड़ की लागत से होगा
- 49 सड़कों पर पैचवर्क के लिए ₹10.33 करोड़ खर्च किए जाएंगे
इसके अलावा, 16 हजार किलोमीटर सड़कों की GIS मैपिंग पूरी कर ली गई है और ‘म्हारी सड़क’ ऐप के माध्यम से शिकायतों का समाधान किया जा रहा है।
📱 गड्ढा मुक्त सड़कों पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
🌆 शहरी विकास को नई दिशा
सरकार का मानना है कि इन पहलों से शहरी क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा सकेगा और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
ऑनलाइन सेवाओं, जल प्रबंधन और सड़क सुधार के जरिए राज्य को स्मार्ट और विकसित बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
⭐ निष्कर्ष
हरियाणा में भवन नक्शा पास करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने और वेस्ट वाटर रियूज सिस्टम को मजबूत करने की पहल राज्य में सुशासन और विकास को नई गति देने वाली साबित हो सकती है।
नायब सिंह सैनी की सख्ती से यह साफ है कि सरकार समयबद्ध और पारदर्शी विकास पर जोर दे रही है, जिससे आम जनता को सीधे लाभ मिलेगा।

