हरियाणा में बजट घोषणाओं को तेजी से लागू करने के निर्देश, बागवानी बीमा योजना में मुआवजा बढ़ाकर किसानों को राहत।
हरियाणा सरकार ने बजट घोषणाओं को तेजी से लागू करने की दिशा में सक्रियता दिखाते हुए प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट पेश होने के मात्र एक महीने के भीतर ही विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारा जाए।
बैठक में ऊर्जा, स्वास्थ्य, राजस्व, आबकारी एवं कराधान, सहकारिता, विकास एवं पंचायत, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि उन्हें प्रभावी रूप से लागू करना है ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक योजना के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बजट की जानकारी गांव स्तर तक पहुंचे। इसके लिए ग्राम सभाओं में इन घोषणाओं पर चर्चा कर प्रस्ताव पारित करने और उनकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए।
🌾 किसानों के लिए बड़ी राहत
मुख्यमंत्री ने बजट में घोषित बागवानी बीमा योजना में संशोधन को विशेष रूप से रेखांकित किया। अब प्राकृतिक आपदाओं से फलों की फसल को नुकसान होने पर किसानों को मिलने वाला मुआवजा 40,000 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रति एकड़ कर दिया गया है। वहीं सब्जियों और मसालों के लिए यह राशि 30,000 रुपये से बढ़ाकर 40,000 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है।
सरकार की इस योजना के तहत किसानों को केवल 2.5 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है, जबकि शेष राशि सरकार द्वारा वहन की जाती है। यह योजना 46 प्रकार की फसलों को कवर करती है, जिससे बागवानी क्षेत्र से जुड़े किसानों को व्यापक सुरक्षा मिलती है।
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📊 एफपीओ को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को लेकर भी अहम निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य के सभी 775 एफपीओ की बैठक आयोजित की जाए, जिसमें वे स्वयं भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि समूह आधारित खेती से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी, जो नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप है।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा देशभर में 10,000 एफपीओ स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें हरियाणा को 172 एफपीओ स्थापित करने का लक्ष्य मिला था। इनमें से कई एफपीओ पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं और शेष पर कार्य जारी है।
⚙️ प्रशासनिक सख्ती और निगरानी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए और उनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया, ताकि योजनाओं का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुंच सके।
बैठक में अनुराग रस्तोगी, डॉ. सुमिता मिश्रा, राजेश खुल्लर और अरुण कुमार गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
हरियाणा सरकार का यह कदम दर्शाता है कि वह न केवल नीतियां बनाने में, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। बजट घोषणाओं को तेजी से लागू करने की यह पहल राज्य के समग्र विकास और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

