दिल्ली कैबिनेट ने बजट 2026-27 को मंजूरी दी, जो विकास, जनभागीदारी और सशक्त समाज के निर्माण पर केंद्रित है।
मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में आयोजित कैबिनेट बैठक में दिल्ली के बहुप्रतीक्षित बजट 2026-27 को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने इसे ‘विकसित दिल्ली’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
‘विकसित दिल्ली’ को मिलेगी गति
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि आगामी बजट राजधानी के समग्र और संतुलित विकास पर केंद्रित रहेगा। सरकार का उद्देश्य दिल्ली को आधुनिक, समृद्ध और नागरिक-केंद्रित शहर के रूप में विकसित करना है।
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जनभागीदारी और समावेशी विकास पर जोर
इस बजट में जनभागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है, जिससे नागरिकों की भागीदारी के साथ विकास योजनाओं को लागू किया जा सके।
- समाज के हर वर्ग को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य
- पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था
- योजनाओं में जनता की सहभागिता
सशक्त समाज निर्माण की दिशा में कदम
सरकार का मानना है कि यह बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का माध्यम भी है।
- शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों का विस्तार
- कमजोर और वंचित वर्गों के लिए विशेष योजनाएं
- महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने की पहल
विकास और सुशासन का रोडमैप
बजट 2026-27 को राजधानी के भविष्य के लिए एक रोडमैप के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, नागरिक सुविधाओं और आर्थिक विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने की योजना शामिल है। दिल्ली कैबिनेट द्वारा स्वीकृत यह बजट ‘विकसित दिल्ली’ के विजन को मजबूती देने के साथ-साथ जनहित, पारदर्शिता और समावेशी विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

