कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में दिशा कार्यशाला में CM सैनी और अर्जुन राम मेघवाल ने टेली-लॉ व न्याय बंधु से सुलभ न्याय पर जोर दिया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करना सुशासन और समावेशी विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘विकसित भारत’ के विजन के तहत सरकार न्याय व्यवस्था को तकनीक के माध्यम से अधिक सुलभ बना रही है।
वे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित ‘दिशा’ (Designing Innovative Solutions for Holistic Access to Justice) कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विधि विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
टेली-लॉ और न्याय बंधु से बढ़ी पहुंच
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिशा योजना के तहत तीन प्रमुख कार्यक्रम—
- टेली-लॉ
- न्याय बंधु
- विधिक साक्षरता एवं जागरूकता
सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं।
देशभर में करीब 2.5 लाख कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से टेली-लॉ सुविधा 777 जिलों तक पहुंच चुकी है। नागरिक अब टोल-फ्री नंबर 14454 और मोबाइल ऐप के जरिए भी कानूनी सलाह ले सकते हैं।
प्रो-बोनो संस्कृति को बढ़ावा
‘न्याय बंधु’ कार्यक्रम के तहत 10,263 वकीलों ने प्रो-बोनो सेवाओं के लिए पंजीकरण कराया है, जिससे गरीब और वंचित वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता मिल रही है।
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हरियाणा में तकनीक से मजबूत न्याय व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में:
- 2,145 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष स्थापित किए गए हैं
- 46.52% पुलिसकर्मी अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अदालत में पेश हो रहे हैं
- नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद दोष सिद्धि दर 82.6% तक पहुंच गई है
साथ ही, ई-साक्ष्य और ई-समन ऐप के माध्यम से जांच प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया गया है।
गरीब को भी सहज न्याय: मेघवाल
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि समाज के हर वर्ग, खासकर गरीब और वंचित लोगों तक न्याय आसानी से पहुंचे।
उन्होंने कहा कि दिशा कार्यक्रम के माध्यम से न्याय प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा रहा है।
जागरूकता और नवाचार पर जोर
कार्यशाला के दौरान दिशा जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाई गई, ई-पुस्तकों का विमोचन हुआ और दूरदर्शन की एक डॉक्यूमेंट्री का शुभारंभ भी किया गया।
निष्कर्ष
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित यह दिशा कार्यशाला न्याय व्यवस्था को तकनीक के जरिए आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई है। टेली-लॉ और न्याय बंधु जैसे कार्यक्रम देश में न्याय को अधिक सुलभ, तेज और पारदर्शी बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

