CM नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में 2709 लाभार्थियों को घर की चाबियां सौंपीं, बादशाहपुर में 15,000 करोड़ के विकास कार्य और नई घोषणाएं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करने में प्रदेश की अग्रणी भूमिका पर जोर देते हुए गुरुग्राम के बादशाहपुर में आयोजित महारैली और आवास वितरण समारोह में बड़ा संदेश दिया।
2709 परिवारों को मिला अपना घर
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 2709 लाभार्थियों को उनके घरों की चाबियां सौंपीं। उन्होंने इसे सरकार की जनसेवा और गरीबों के सशक्तिकरण का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर लोगों के जीवन में बदलाव लाना है।
बादशाहपुर बना विकास की नई मिसाल
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में बादशाहपुर क्षेत्र में:
- 15,166 करोड़ रुपये के विकास कार्य
- 81 में से 60 घोषणाएं पूरी
- 8 योजनाएं प्रगति पर
जबकि पूर्व सरकार में सिर्फ 967 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।
उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र कभी बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे, आज वे विकास के मॉडल बन चुके हैं।
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तीसरे कार्यकाल में भी विकास पर फोकस
CM सैनी ने कहा कि सरकार तीसरे कार्यकाल में भी हर वर्ग के हित और सर्वांगीण विकास पर काम कर रही है।
उन्होंने बजट 2026-27 का जिक्र करते हुए बताया:
- PM आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 23,154 घर
- शहरी आवास योजना के तहत 16 शहरों में 15,251 प्लॉट
बड़ी घोषणाएं: सड़क, पानी और इंफ्रास्ट्रक्चर
मुख्यमंत्री ने कई अहम घोषणाएं भी कीं:
- फारूखनगर–गुरुग्राम रोड 365 करोड़ में फोर-लेन
- गांव बुढ़ेड़ा में सामुदायिक केंद्र
- टिकली में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
- न्यू गुरुग्राम में 88 करोड़ की सीवरेज लाइन
- सेक्टर 90-95 में श्मशान घाट
- गुरुग्राम, मानेसर और फर्रूखनगर में फायर स्टेशन
इसके अलावा 28 किमी और 84 किमी सड़कों का रखरखाव और नई मरम्मत परियोजनाएं भी शुरू होंगी।
गुरुग्राम बनेगा औद्योगिक हब
उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा 2047 तक औद्योगिक क्रांति का अग्रदूत बनेगा, जिसमें गुरुग्राम और मानेसर की अहम भूमिका होगी।
उन्होंने बताया:
- 236 करोड़ के शहरी विकास कार्य
- 200 एकड़ में ‘नमो वन’ परियोजना
- AI और डिजिटल सिस्टम से उद्योगों को बढ़ावा
सांस्कृतिक रंग में रंगी महारैली
कार्यक्रम में लोगों का उत्साह देखने लायक था। बड़ी संख्या में ग्रामीण ऊँट और घोड़ों पर सवार होकर पहुंचे, जिससे रैली में पारंपरिक रंग भी देखने को मिला।
निष्कर्ष
गुरुग्राम की यह महारैली सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हरियाणा के तेज विकास, आवास योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार का बड़ा संदेश बनकर सामने आई है। ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में हरियाणा तेजी से आगे बढ़ता दिख रहा है।

