उत्तराखंड मंत्रिमंडल विस्तार के बाद CM पुष्कर सिंह धामी के 35 विभागों का बंटवारा 5 नए मंत्रियों में होगा, जिससे शासन की गति तेज होगी।
उत्तराखंड में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कंधों से विभागों का भारी बोझ कम होने जा रहा है। अब सरकार पांच नए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा करेगी, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
35 विभाग संभाल रहे थे सीएम धामी
मौजूदा समय में मुख्यमंत्री धामी के पास करीब 35 विभाग थे, जो किसी भी मुख्यमंत्री के लिए एक बड़ा प्रशासनिक बोझ माना जाता है।
- मंत्री चंदन रामदास के निधन के बाद कई विभाग सीएम को संभालने पड़े
- प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद वित्त, शहरी विकास, आवास समेत कई अहम विभाग भी धामी के पास आ गए
पहले जहां धामी के पास करीब 25 विभाग थे, वहीं समय के साथ यह संख्या बढ़कर 35 हो गई।
नए मंत्रियों में होगा जिम्मेदारियों का बंटवारा
कैबिनेट विस्तार के बाद अब 5 नए मंत्रियों को विभाग सौंपे जाएंगे। इससे:
- कार्यों का बेहतर प्रबंधन होगा
- निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी
- योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी होगा
ऊर्जा जैसे अहम विभाग, जो पहले अन्य मंत्रियों के पास थे, अब दोबारा नए सिरे से बांटे जा सकते हैं।
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चुनाव से पहले रणनीतिक कदम
राज्य में चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है। ऐसे में यह कदम सरकार के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नए मंत्रियों को विभाग मिलने के बाद:
- उन्हें अपनी कार्यक्षमता साबित करनी होगी
- जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करनी होगी
- सरकार की योजनाओं को तेजी से लागू करना होगा
प्रशासनिक गति और जनता को फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि विभागों का यह पुनर्गठन सरकार के कामकाज को अधिक तेज और प्रभावी बनाएगा। इससे योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंच सकेगा।
निष्कर्ष
उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि तेजी, जवाबदेही और बेहतर शासन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

