मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व में पंजाब में सिंचाई परियोजनाओं से 15 लाख एकड़ खेतों तक पानी पहुंचा, किसानों की आय और उत्पादन में सुधार।
पंजाब में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पिछले चार वर्षों में बड़े स्तर पर सुधार किए गए हैं। सरकार के अनुसार, इन प्रयासों के चलते 15 लाख एकड़ से अधिक कृषि भूमि तक नहरों का पानी पहुंचाया गया है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिला है।
नहरों के आधुनिकीकरण से बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में नहर प्रणाली को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
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सिरहिंद नहर और पटियाला फीडर की रीलाइनिंग के बाद 2,900 क्यूसेक पानी खेतों तक पहुंचाया गया
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नई ड्रेनों और जल स्रोतों के जरिए 10,000 क्यूसेक अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराया गया
इन सुधारों से लंबे समय से पानी की कमी झेल रहे क्षेत्रों को राहत मिली है।
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कंधी नहर का पुनर्जीवन
सरकार ने 40 वर्षों से बंद पड़ी कंधी नहर को फिर से चालू किया, जो एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इसके साथ ही:
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कंधी क्षेत्र में 1,500 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई गई
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इससे 24,000 एकड़ खेतों तक पानी पहुंचाया गया
किसानों को मिला सीधा लाभ
इन परियोजनाओं के कारण किसानों को:
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नियमित सिंचाई की सुविधा
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फसल उत्पादन में वृद्धि
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लागत में कमी
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आय में सुधार
जैसे लाभ प्राप्त हुए हैं।
स्थायी कृषि की ओर कदम
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सिंचाई उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि टिकाऊ और वैज्ञानिक कृषि प्रणाली विकसित करना है। नहरों और पाइपलाइन नेटवर्क के आधुनिकीकरण से जल प्रबंधन अधिक प्रभावी हुआ है।
निष्कर्ष
पंजाब में सिंचाई क्षेत्र में किए गए ये सुधार कृषि विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। सरकार का दावा है कि इन पहलों से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि राज्य में कृषि को स्थायी और आधुनिक बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है।

