सीएम नायब सिंह सैनी ने बताया कि हरियाणा बजट 2026-27 में शिक्षा पर कुल बजट का 10% से अधिक खर्च, शिक्षा को बताया भविष्य की नींव।
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिक्षा को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि शिक्षा भविष्य निर्माण का सबसे बड़ा साधन है और सरकार इस दिशा में लगातार निवेश बढ़ा रही है।
शिक्षा पर बड़ा बजट प्रावधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में
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केवल स्कूल शिक्षा विभाग के लिए ₹18,717 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है
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यह राज्य के कुल बजट का लगभग 8.37 प्रतिशत है
उन्होंने कहा कि यदि उच्चतर शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभागों को भी शामिल किया जाए, तो शिक्षा पर कुल व्यय
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राज्य के कुल बजट का 10.25 प्रतिशत
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और जीएसडीपी का लगभग 1.67 प्रतिशत हो जाता है
विपक्ष के आरोपों पर जवाब
सीएम सैनी ने विपक्ष द्वारा शिक्षा बजट को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि आंकड़ों को गलत तरीके से प्रस्तुत कर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा पर जीडीपी के 6 प्रतिशत खर्च का लक्ष्य
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केवल किसी एक राज्य के लिए नहीं
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बल्कि पूरे देश के लिए केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयास का लक्ष्य है
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति का हवाला
मुख्यमंत्री ने कहा कि
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कोठारी आयोग से लेकर नई शिक्षा नीति 2020 तक
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सभी में शिक्षा पर निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया है
उन्होंने कहा कि सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है।
शिक्षा क्षेत्र में किए गए प्रमुख कार्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों में राज्य में
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स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया
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डिजिटल शिक्षा का विस्तार हुआ
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नए कॉलेज और तकनीकी संस्थान स्थापित किए गए
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शिक्षकों की भर्ती और प्रशिक्षण पर जोर दिया गया
भविष्य पर केंद्रित नीति
सीएम सैनी ने कहा कि सरकार की नीतियां केवल वर्तमान जरूरतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं।
उन्होंने विपक्ष से अपील की कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राजनीति न कर तथ्यों के आधार पर चर्चा करें।

