स्वीडन के प्रतिनिधिमंडल ने पंचकूला के राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान का दौरा कर आयुर्वेद उपचार पद्धतियों और संस्थान की कार्यप्रणाली की सराहना की।
भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद की वैश्विक स्तर पर बढ़ती लोकप्रियता के बीच स्वीडन के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंचकूला स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA) का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने यहां चल रही आयुर्वेद उपचार पद्धतियों और चिकित्सा सेवाओं का अवलोकन करते हुए उनकी सराहना की।
आयुर्वेद उपचार पद्धति की दी गई जानकारी
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान पहुंचने पर उप चिकित्सा अधीक्षक (डीएमएस) डॉ. गौरव गर्ग ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और उन्हें आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी।
वहीं डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने संस्थान की कार्यप्रणाली, शैक्षणिक गतिविधियों और चिकित्सा सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया।
रोजाना सैकड़ों मरीज लेते हैं इलाज
डॉ. गौरव गर्ग ने बताया कि आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तहत संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में आयुर्वेद पद्धति से रोगियों का उपचार किया जा रहा है।
संस्थान की 12 ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 400 से 500 मरीज परामर्श और इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिनका उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किया जाता है।
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प्रतिनिधिमंडल ने किया विभिन्न विभागों का दौरा
मेडिकल ऑफिसर डॉ. शिन्षा ने प्रतिनिधिमंडल को संस्थान का भ्रमण कराया और ओपीडी तथा आईपीडी की कार्यप्रणाली से अवगत कराया।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पंचकर्म विभाग, केंद्रीय प्रयोगशाला, फिजियोथेरेपी यूनिट, फार्मेसी, पंजीकरण शाखा और ऑपरेशन थिएटर का भी निरीक्षण किया।
यूरोप में बढ़ रही आयुर्वेद की मांग
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहीं गबिजा गाडलियाउस्काइट और रीता जिलेनाइते ने कहा कि यूरोपीय देशों में आयुर्वेद उपचार की मांग लगातार बढ़ रही है। लोगों का भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली पर विश्वास मजबूत हो रहा है और कई मरीज इसका लाभ उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रहा है।
भारत भ्रमण पर आया प्रतिनिधिमंडल
इंडो-बाल्टिक सोसायटी फॉर कॉन्शियसनेस, लिथुआनिया के कोऑर्डिनेटर स्वामी आदित्य के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल भारत भ्रमण पर आया है।
यह प्रतिनिधिमंडल देश के विभिन्न राज्यों में पर्यटन स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और आयुर्वेद से जुड़े केंद्रों का दौरा कर भारतीय संस्कृति और चिकित्सा पद्धति को समझ रहा है।
इस अवसर पर डॉ. राजेंद्र, डॉ. विवेक गुप्ता रायपुर रानी और रिचा भार्गव सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

