नाबार्ड द्वारा चंडीगढ़ सेक्टर-34 में 13 से 22 मार्च तक ‘ग्रामीण भारत महोत्सव’ आयोजित होगा, जिसमें 20 राज्यों के कारीगर और SHG महिलाएं अपने उत्पाद प्रदर्शित व बिक्री करेंगी।
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के हरियाणा क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा ‘ग्रामीण भारत महोत्सव – प्रदर्शनी एवं बिक्री’ का आयोजन 13 से 22 मार्च 2026 तक चंडीगढ़ के सेक्टर-34 स्थित एग्ज़ीबिशन ग्राउंड में किया जाएगा। यह 10 दिवसीय महोत्सव भारत की समृद्ध ग्रामीण संस्कृति, पारंपरिक शिल्प और हथकरघा उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
यह प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी।
20 राज्यों के कारीगर लगाएंगे स्टॉल
महोत्सव में देश के 20 राज्यों से आए कारीगरों, बुनकरों, स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं और किसानों द्वारा लगभग 40 स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां ग्रामीण उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ-साथ बिक्री भी की जाएगी।
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पारंपरिक शिल्प होंगे मुख्य आकर्षण
प्रदर्शनी में आने वाले लोगों को कई प्रकार के पारंपरिक और हस्तनिर्मित उत्पाद देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा। इनमें प्रमुख रूप से:
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मधुबनी और गोंड पेंटिंग्स
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डोकरा कला के उत्पाद
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बांस और बेंत से बने सामान
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फुलकारी और पश्मीना वस्त्र
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होम फर्निशिंग और सिल्क परिधान
इसके अलावा जैविक मसाले, अचार, ड्राई फ्रूट्स जैसे ग्रामीण उत्पाद भी उपलब्ध होंगे। विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों के फूड स्टॉल भी इस महोत्सव का आकर्षण होंगे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
नाबार्ड के प्रवक्ता के अनुसार इस महोत्सव का उद्देश्य ग्रामीण कारीगरों, बुनकरों और महिला उद्यमियों को एक बड़ा मंच प्रदान करना है। इससे न केवल उनकी कला को पहचान मिलेगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
नागरिकों से अपील की गई है कि वे बड़ी संख्या में इस महोत्सव में पहुंचकर ग्रामीण हस्तनिर्मित उत्पादों को खरीदें और कारीगरों व महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करें।

