पंजाब के मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि 2026–27 बजट में ₹1487 करोड़ से 1230 गांवों, 125 बस्तियों और 88 यूरेनियम प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल परियोजनाएं शुरू होंगी।
पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन तथा जल आपूर्ति और स्वच्छता मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने वित्त वर्ष 2026–27 के बजट को प्रगतिशील और जनहितकारी बताते हुए कहा कि इससे राज्य में पेयजल व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन को और मजबूत किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि सरकार ने जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग के लिए ₹1487 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया है, जिसका उद्देश्य पंजाब में सुरक्षित पेयजल उपलब्धता को बढ़ाना और स्वच्छता सेवाओं को बेहतर बनाना है।
1230 गांवों को मिलेगा स्वच्छ पेयजल
हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि सरकार 11 बड़े सतही जल प्रोजेक्ट पूरे करने पर ध्यान दे रही है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद 1230 जल गुणवत्ता प्रभावित और पानी की कमी वाले गांवों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही पानी की गुणवत्ता और आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा।
125 बस्तियों और यूरेनियम प्रभावित क्षेत्रों में परियोजनाएं
मंत्री ने बताया कि 125 बस्तियों में पेयजल सुधार कार्य किए जाएंगे, जबकि 88 यूरेनियम प्रभावित क्षेत्रों में नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी ताकि प्रदूषण की समस्या को दूर कर लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
‘नल जल मित्र’ अभियान की शुरुआत
ग्रामीण जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ‘नल जल मित्र’ अभियान शुरू करेगी। इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक प्रशिक्षित व्यक्ति को नियुक्त किया जाएगा जो जल आपूर्ति प्रणाली के संचालन और रखरखाव में सहयोग करेगा।
इस पहल से समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
श्री आनंदपुर साहिब में बनेगा नया प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स
मंत्री मुंडियां ने बताया कि साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष की स्मृति में श्री आनंदपुर साहिब में नया प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा।
यह कॉम्प्लेक्स हेरिटेज वास्तुकला शैली में तैयार किया जाएगा और इसमें विभिन्न सरकारी कार्यालय एक ही स्थान पर स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रशासनिक कामकाज अधिक प्रभावी होगा।
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‘ईजी जमाबंदी’ और ‘ईजी रजिस्ट्री’ से पारदर्शिता
राजस्व विभाग की पहल का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने ‘ईजी जमाबंदी’ पहल शुरू की है।
इससे नागरिक:
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ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड देख सकते हैं
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म्यूटेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं
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रपट एंट्री और फर्द बदल सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं
उन्होंने बताया कि ‘ईजी रजिस्ट्री’ परियोजना के तहत संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और अब तक 6.17 लाख दस्तावेजों का पंजीकरण किया जा चुका है।
आपदा प्रबंधन में डिजिटल प्रणाली
मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष आई बाढ़ के दौरान सरकार ने ₹1010 करोड़ की राहत राशि जारी की थी।
इसके साथ ही पंजाब ने देश की पहली पूरी तरह डिजिटल फ्लड रिलीफ सिस्टम शुरू किया है, जिसके तहत जियो-टैग्ड सर्वे और ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से प्रभावित परिवारों को सीधे सहायता राशि दी जाती है।
उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से राहत राशि मिलने में पहले जहां 6 महीने से एक साल तक का समय लगता था, अब प्रभावित परिवारों को कुछ ही महीनों में सहायता मिल जाती है।
मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि बजट में किए गए ये प्रावधान पंजाब सरकार की पेयजल आपूर्ति, पारदर्शी प्रशासन और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

