दिल्ली में आयोजित ‘भारती – नारी से नारायणी’ राष्ट्रीय सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर विचार साझा किए गए।
राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘भारती – नारी से नारायणी’ महिला विचारकों के राष्ट्रीय सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर व्यापक चर्चा की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आज देश में नारी शक्ति राष्ट्र निर्माण की एक मजबूत शक्ति के रूप में उभर रही है।
कार्यक्रम में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहलें की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित, आत्मनिर्भर और सक्षम बनाना है।
सम्मेलन में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े कई प्रयासों का उल्लेख किया गया। इनमें लखपति बिटिया योजना, सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड, कोलेट्रल-फ्री लोन की सुविधा और नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति जैसे कदम शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
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इस कार्यक्रम में कई प्रमुख महिला विचारकों और समाजसेविकाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका वी. शांता कुमारी, अखिल भारतीय तरुणी प्रमुख विजया शर्मा, भारतीय विद्वत परिषद की कार्यदर्शी प्रो. शिवानी वी. जी, शरण्या की अध्यक्ष अंजु आहूजा, सचिव प्रो. चारू कालरा और समाजसेविका डॉ. तेजस्विनी अनंत कुमार सहित कई गणमान्य महिलाएं मौजूद रहीं।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना केवल सरकार की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होंगी, तभी देश के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।

