Harpal Singh Cheema ने बताया कि Aam Aadmi Party सरकार के कार्यकाल में पंजाब का अपना टैक्स राजस्व 57,919 करोड़ तक पहुंच गया और एक्साइज कलेक्शन में 86.77% की वृद्धि दर्ज हुई।
पंजाब के वित्त, आबकारी और कराधान मंत्री Harpal Singh Cheema ने कहा है कि Aam Aadmi Party सरकार के नेतृत्व में राज्य ने राजस्व वृद्धि के मामले में देश के शीर्ष तीन राज्यों में जगह बनाई है। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में पंजाब की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जो प्रशासनिक पारदर्शिता, राजकोषीय अनुशासन और संरचनात्मक सुधारों का परिणाम है।
पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चीमा ने राज्य के राजस्व से जुड़े कई अहम आंकड़े साझा किए।
राज्य का टैक्स राजस्व 57,919 करोड़ तक पहुंचा
मंत्री ने बताया कि पंजाब का अपना कर राजस्व लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2021-22 में जहां राज्य का टैक्स राजस्व 37,327 करोड़ रुपये था, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) का 6.39% था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 57,919 करोड़ रुपये हो गया, जो GSDP का 7.15% है।
एक्साइज राजस्व में 86.77% की वृद्धि
चीमा ने बताया कि आबकारी राजस्व में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि SAD-BJP सरकार (2012-17) के पांच वर्षों में कुल एक्साइज कलेक्शन 20,545 करोड़ रुपये रहा, जबकि कांग्रेस सरकार (2017-22) के दौरान यह 27,395 करोड़ रुपये रहा।
इसके मुकाबले AAP सरकार ने जनवरी 2026 तक 37,975 करोड़ रुपये का एक्साइज राजस्व जुटाया है, जिससे वार्षिक औसत करीब 9,907 करोड़ रुपये हो गया है।
उन्होंने कहा कि 2021-22 में जहां एक्साइज कलेक्शन 6,157 करोड़ रुपये था, वहीं 2025-26 में इसके 11,500 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
GST कलेक्शन में भी बड़ी बढ़ोतरी
मंत्री के अनुसार, राज्य में GST कलेक्शन में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई है।
कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में कुल GST संग्रह 61,286 करोड़ रुपये रहा, जबकि AAP सरकार ने जनवरी 2026 तक 83,739 करोड़ रुपये का GST कलेक्शन किया है।
राज्य GST राजस्व 2021-22 के 15,542 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 26,500 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।
स्टांप ड्यूटी से आय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
चीमा ने बताया कि जमीन और संपत्ति पंजीकरण से मिलने वाले स्टांप ड्यूटी राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
SAD-BJP सरकार के दौरान यह 12,387 करोड़ रुपये और कांग्रेस सरकार के समय 12,469 करोड़ रुपये रहा।
AAP सरकार ने जनवरी 2026 तक 19,515 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी वसूली की है, जो पिछले शासनकालों की तुलना में काफी अधिक है।
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पूंजीगत व्यय में भी बड़ा इजाफा
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में विकास कार्यों के लिए पूंजीगत व्यय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
SAD-BJP सरकार ने पांच वर्षों में 14,641 करोड़ रुपये, जबकि कांग्रेस सरकार ने 19,356 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
AAP सरकार का कुल पूंजीगत व्यय 31,630 करोड़ रुपये तक पहुंचने जा रहा है।
3 लाख करोड़ के कर्ज के बावजूद घटा Debt-to-GSDP अनुपात
मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार को लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का कर्ज विरासत में मिला था। इसके बावजूद राज्य का Debt-to-GSDP अनुपात 48.25% से घटकर 44.47% तक आ गया है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने Pay Commission के लिए 7,000-8,000 करोड़ रुपये, लंबित बकाया 14,191 करोड़ रुपये, और वित्तीय संकट में फंसी संस्थाओं को बचाने के लिए 2,566 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बढ़ाई गई फंडिंग
चीमा ने बताया कि सरकार ने RBI के साथ बनाए गए Consolidated Sinking Fund और Guarantee Redemption Fund में निवेश बढ़ाया है।
मार्च 2022 में जहां इन फंड्स में कुल 3,027 करोड़ रुपये थे, वहीं दिसंबर 2025 तक यह बढ़कर 11,720 करोड़ रुपये हो गए, जो लगभग 287% की वृद्धि है।
डिजिटल सुधारों पर भी जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि पारदर्शिता बढ़ाने के लिए वित्त विभाग ने ‘Pension Seva Portal’ शुरू किया है, जिससे पेंशन वितरण की पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है।
इसके अलावा ‘e-Deposit Management System’ लागू किया गया है ताकि बैंकिंग धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सके और ट्रेजरी सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।
उन्होंने बताया कि योजनाओं के डिजिटलीकरण के लिए राज्य को SNA-SPARSH पहल के तहत 800 करोड़ रुपये से अधिक का प्रोत्साहन भी मिला है।

